Bihar Naxal News: लुटुआ के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नाकाम की नक्सलियों की साजिश, डेटोनेटर और गन बरामद
गया जिले के लुटुआ थाना क्षेत्र के डुमरी जंगलों में CRPF और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। समय रहते सुरक्षा बलों ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया
बिहार के गया जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। गया के लुटुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत डुमरी गांव के जंगलों में सीआरपीएफ (CRPF) की 47वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और खतरनाक विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
सहायक कमांडेंट के नेतृत्व में चला संयुक्त सर्च ऑपरेशन
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई सीआरपीएफ की 47वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में अंजाम दी गई। सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि नक्सलियों द्वारा जंगल में हथियारों का जखीरा छिपाया गया है। इसके बाद पूरी मुस्तैदी के साथ घेराबंदी कर चलाए गए ऑपरेशन में एक भरमार गन, एके-47 का खाली खोखा, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, बैटरी, डेटोनेटर वायर, लगभग 20 मीटर लंबा इलेक्ट्रिक वायर और हथियारों की सफाई में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।
नक्सलियों की साजिशों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सली संगठन अक्सर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कड़े एक्शन से बचने के लिए अपने हथियारों और घातक बारूद को जंगलों व पहाड़ी कंदराओं में छिपा देते हैं। इस बार मिली खेप से यह साफ संकेत मिलता है कि सुरक्षा बल इस दुर्गम इलाके में नक्सलियों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और उनके मंसूबों को पनपने नहीं दे रहे हैं।
समय रहते टली अप्रिय घटना, कानूनी प्रक्रिया शुरू
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते की गई इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से नक्सलियों द्वारा रची जा रही किसी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका को टालने में कामयाबी मिली है। अभियान की समाप्ति के बाद बरामद किए गए सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लुटुआ थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बलों की गश्त और बढ़ा दी गई है।
रिपोर्ट - मनोज कुमार