Bihar News: बिहार में पर्वत पर कुदरत का कहर, वज्रपात से युवक की मौत, 2 दर्जन झुलसे,मची चीख-पुकार

Bihar News: तेज बारिश के बीच पहाड़ की चोटी पर जोरदार वज्रपात हुआ।और......

Gaya Lightning
पर्वत पर कुदरत का कहर- फोटो : social Media

Bihar News: गया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुरपा पर्वत पर  कुदरत ने अचानक कहर बरपा दिया। तेज बारिश के बीच पहाड़ की चोटी पर जोरदार वज्रपात हुआ। शनिवार की दोपहर बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पर्वत की चोटी पर चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल कायम हो गया।

मृतक की पहचान 26 वर्षीय विकास कुमार उर्फ निवास, ग्राम छत्तीसा, थाना बेलागंज के रूप में हुई है। बताया गया कि बारिश से बचने के लिए महिला, पुरुष और बच्चे पेड़ तथा पहाड़ की खोह यानी छोटी गुफा के आसपास छिपे हुए थे। इसी दौरान गुफा के समीप अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और देखते ही देखते कई लोग उसकी चपेट में आ गए।

अचानक हुए वज्रपात से पहाड़ की चोटी पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायल लोग दर्द से कराहने लगे और मदद के लिए चीख-पुकार करने लगे। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। गनीमत रही कि घटना के बाद भगदड़ नहीं मची, वरना हालात और भयावह हो सकते थे।

हादसे के तुरंत बाद पहाड़ पर तैनात सरकारी कर्मियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने घायलों और वहां मौजूद लोगों को संभाला तथा घटना की सूचना बीडीओ और स्थानीय थाना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही बीडीओ और गुरपा थानाध्यक्ष  पुलिस बल के साथ घटनास्थल के समीप पहुंचे। बीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर को तत्काल सूचना देकर एंबुलेंस की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार, डीपीएम नीलेश कुमार और जनऔषधि संचालक समर की पहल पर टनकुप्पा और वजीरगंज से एंबुलेंस गुरपा भेजी गईं। इसके बाद घायलों को पहाड़ से नीचे लाने और अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इंसानियत और जज्बे की मिसाल पेश की। कई घायल खुद चलने की हालत में नहीं थे। ऐसे में दो-चार लोग मिलकर घायलों को कंधे पर उठाते और किसी तरह पहाड़ की चोटी से नीचे लेकर आते रहे।

नीचे पहुंचते ही घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा गया, जहां स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल इलाज शुरू किया। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर घायलों और उनके परिजनों से भर गया।बारिश से बचने के लिए जिस खोह और पेड़ के नीचे लोग महफूज समझकर खड़े थे, वहीं आसमान से गिरी बिजली ने पलभर में मातम और दहशत का मंजर पैदा कर दिया। हादसे ने एक बार फिर खराब मौसम के दौरान पहाड़ी और खुले इलाकों में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।