पितृपक्ष मेला महासंगम-2026: भव्य और स्वच्छ आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां तेज, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम–2026 के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर गया जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने अलग-अलग विशेष कोषांग बनाया है.....
Gayaji : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम–2026 के सफल, भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर गया जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस वर्ष महासंगम का आयोजन 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक किया जाना तय हुआ है। मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने और देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव प्रदान करने के लिए प्रशासन ने विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग विशेष कोषांगों (सेल्स) का गठन कर दिया है।
5 दिनों में सड़कों और नालियों के भौतिक निरीक्षण का आदेश
तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में समाहरणालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से सड़क, नाली मरम्मत, साफ-सफाई और प्रचार-प्रसार कोषांग के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने नगर आयुक्त को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सड़कों, गलियों और मार्गों का अगले पांच दिनों के भीतर स्थानीय वार्ड पार्षदों एवं समाजसेवियों के साथ संयुक्त रूप से भौतिक निरीक्षण (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया जाए और सभी कमियों की सूची अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
महाकुंभ स्तर की सफाई के लिए पेशेवर एजेंसी को मिलेगी जिम्मेदारी, हटेंगे अवैध खटाल
मेला क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए इस बार प्रशासन आउटसोर्सिंग का सहारा लेने जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि महाकुंभ जैसे देश के विशाल आयोजनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखने वाली पेशेवर सफाई एजेंसियों को प्राथमिकता देते हुए जल्द निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम को आदेश दिया कि श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा बनने वाले आवारा पशुओं और सड़कों पर संचालित अवैध खटालों को चिन्हित कर तुरंत हटाया जाए और संचालकों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सार्वजनिक शौचालय और प्याऊ होंगे क्रियाशील, जर्जर सड़कों की होगी तुरंत मरम्मत
श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र में स्थित सभी सार्वजनिक शौचालयों और प्याऊ (पेयजल केंद्रों) को शत-प्रतिशत चालू और क्रियाशील बनाने का लक्ष्य रखा है। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) और नगर निगम को निर्देश दिया कि पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मेला रूट की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची बनाकर मानसून के बाद और मेला शुरू होने से पहले युद्ध स्तर पर मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।
आम जनता से मांगे गए सुझाव, ई-मेल आईडी ppmhasangam@gmail.com पर भेज सकते हैं विचार
पितृपक्ष मेला महासंगम को पूरी तरह 'श्रद्धालु-अनुकूल' बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया है। जिलाधिकारी ने गया जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और सभी हितधारकों से मेला व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करने की अपील की है। इसके लिए एक आधिकारिक ई-मेल आईडी ppmhasangam@gmail.com जारी की गई है। प्राप्त होने वाले सभी व्यावहारिक सुझावों का परीक्षण कर उन्हें मुख्य मेला प्रबंधन कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, ताकि आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाया जा सके।
मनोज कुमार रिपोर्ट