Bihar Borewell Rescue: 30 फीट गहरे बोरवेल में फंसे मासूम पीयूष को 7 घंटे बाद जिंदा निकाला गया, NDRF-SDRF का कामयाब रेस्क्यू, मौत के कुएं से जिंदगी की हुई वापसी

Bihar Borewell Rescue: 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय पीयूष कुमार को करीब सात घंटे चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। मासूम के सुरक्षित बाहर आते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।....

Piyush Rescued Alive After 7 Hours Trapped in 30 Foot Borewe
30 फीट गहरे बोरवेल में फंसा मासूम जिंदा निकाला गया- फोटो : reporter

Bihar Borewell Rescue:  गयाजी  जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय पीयूष कुमार को करीब सात घंटे चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। मासूम के सुरक्षित बाहर आते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस सफल अभियान का श्रेय एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम को दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष खेलते-खेलते नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बिना वक्त गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

रेस्क्यू टीम ने पूरी मुस्तैदी, सूझबूझ और तकनीकी दक्षता के साथ अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आते ही उसे प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्वास्थ्य जांच की। प्रारंभिक जांच में बच्चे की हालत सामान्य बताई गई।

पूरे अभियान के दौरान वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे और रेस्क्यू की हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी।

इस सफल अभियान के बाद पूरे क्षेत्र में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की बहादुरी और जज़्बे की जमकर सराहना हो रही है। वहीं यह घटना एक बार फिर खुले पड़े बोरवेलों की गंभीर समस्या को उजागर करती है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे खुले बोरवेलों को तत्काल बंद कराया जाए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस तरह के हादसे का शिकार न बने। फिलहाल पीयूष की सुरक्षित वापसी ने एक संभावित त्रासदी को खुशी की कहानी में बदल दिया है।

रिपोर्ट- प्रेमशंकर