Bihar News: पूर्णिमा पर बोधगया पहुंचे सद्गुरु जग्गी वासुदेव, महाबोधि मंदिर में बुद्ध को किया नमन, बोले-बुद्ध प्रकाश हैं, उन्हें आत्मसात कीजिए

Bihar News: विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव ने विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुंचकर भगवान बुद्ध के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।...

Sadhguru Visits Mahabodhi Temple Urges All to Embrace Buddha
बोधगया पहुंचे सद्गुरु जग्गी वासुदेव- फोटो : reporter

Bihar News: विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोमवार को आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुंचकर भगवान बुद्ध के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने भगवान बुद्ध के ज्ञान, करुणा, जागरूकता और मानव कल्याण के सार्वभौमिक संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। सद्गुरु के आगमन से पूरा महाबोधि महाविहार आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के वातावरण से सराबोर हो उठा।

बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार पहुंचने पर सद्गुरु का भव्य स्वागत मुख्य भिक्षु वेनरेबल भिक्खु चालिंदा, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी तथा समिति के सदस्य डॉ. अरविंद सिंह ने किया। इसके बाद सद्गुरु मुख्य गर्भगृह पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित किए, दीप प्रज्ज्वलित किया और अगरबत्ती अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

पूजा-अर्चना के दौरान स्थानीय भिक्षुओं द्वारा पवित्र बौद्ध सुत्तों का पाठ किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक शांति और दिव्यता का अद्भुत वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं ने भी इस विशेष अवसर पर सद्गुरु की उपस्थिति को एक प्रेरणादायी क्षण बताया।

इसके बाद सद्गुरु पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे पहुंचे, जहां उन्होंने भिक्षुओं, बौद्ध लामाओं और जापान से आए बौद्ध प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत बीटीएमसी सदस्य किरण लामा के स्वागत संबोधन से हुई। इस संवाद में अंतर-धार्मिक सद्भाव, विश्व शांति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण, आंतरिक चेतना और मानव कल्याण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। भिक्षु समुदाय ने सद्गुरु द्वारा पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों के लिए किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।

महाबोधि मंदिर की आगंतुक पुस्तिका में सद्गुरु ने एक गहन आध्यात्मिक संदेश भी लिखा। उन्होंने लिखा, "बुद्ध प्रकाश हैं। प्रकाश की पूजा नहीं की जाती, उसे आत्मसात किया जाता है। उनके प्रकाश से आपका जीवन आलोकित हो। ढेर सारा प्रेम और आशीर्वाद।" उनका यह संदेश श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।यात्रा के समापन पर गया के जिला पदाधिकारी सह बीटीएमसी अध्यक्ष शशांक शुभंकर तथा मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने सद्गुरु को महाबोधि मंदिर की प्रतिकृति और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सद्गुरु की यह यात्रा आध्यात्मिक चेतना, वैश्विक सद्भाव और भगवान बुद्ध के शांति संदेश को नई ऊर्जा देने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार