Shooter Arman Gaya Jail: "यूपी ले गए तो हो जाएगा एनकाउंटर!" गया जेल में मिला 5 लाख का इनामी शूटर अरमान, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

प्रयागराज पुलिस की टीम ने गया सेंट्रल जेल पहुंचकर अरमान की पहचान की प्रक्रिया पूरी की और कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दिया। दूसरी ओर, अरमान के परिवार और वकील ने एनकाउंटर की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की है।

Umesh Pal Murder Case 5 Lakh Inami Arman
: 5 लाख का इनामी अरमान गया जेल में बंद, UP पुलिस ने मांगी ट्रांजिट रिमांड- फोटो : Reporter

उमेश पाल हत्याकांड में वांछित पांच लाख रुपये का इनामी अरमान बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद होने का मामला सामने आया है। खबर की पुष्टि होते ही प्रयागराज (यूपी) पुलिस की एक विशेष टीम 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची, जहां अरमान की पहचान से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अगले दिन पुलिस टीम ने गया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज ले जाने की अनुमति मांगी है। 


उमेश पाल हत्याकांड और 5 लाख का इनाम

उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुए बहुचर्चित उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या मामले में अरमान मुख्य आरोपियों में से एक है। वारदात के दौरान घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी की बात सामने आई थी, जिसके बाद यूपी पुलिस ने उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस मामले में गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर जैसे आरोपियों के लगातार फरार रहने के कारण प्रयागराज पुलिस ने फरवरी 2026 में भी अदालत के समक्ष पेश न होने पर अलग से मुकदमा दर्ज किया था।


परिजनों और वकील ने जताई जान का खतरा

दूसरी ओर, अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता और उनके परिजनों ने उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बचाव पक्ष का दावा है कि यदि अरमान को सड़क मार्ग से यूपी ले जाया जाता है, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है और एनकाउंटर की आशंका बनी हुई है। इसी सुरक्षा का हवाला देते हुए परिजनों ने कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की मांग की थी, हालांकि अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया।


निष्पक्ष जांच की मांग और कोर्ट के आदेश पर टिकी निगाहें

मामले में अरमान के परिजनों का कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है और वे इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच व अरमान की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, अरमान को गया से प्रयागराज स्थानांतरित करने के लिए दाखिल की गई ट्रांजिट रिमांड याचिका पर अदालत का फैसला आना बाकी है। प्रशासनिक महकमे और मीडिया दोनों की नजरें अब गया कोर्ट के आगामी रुख पर टिकी हुई हैं।

गयाजी  से मनोज कुमार की रिपोर्ट