Bihar News : खाने को लेकर CUSB में डिग्री लेने पहुंचे छात्रों ने जमकर काटा बवाल, वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल

Bihar News : CUSB में आयोजित दीक्षांत समारोह में जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के समापन के बाद परोसे गए भोजन को लेकर बड़ा विवाद हो गया....पढ़िए आगे

Bihar News : खाने को लेकर CUSB में डिग्री लेने पहुंचे छात्रो
खाने को लेकर बवाल - फोटो : MANOJ

 GAYAJI : दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) में सोमवार को आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में एक ओर 1662 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। वहीँ 61 मेधावी विद्यार्थियों को 95 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। उधर कार्यक्रम के समापन के बाद परोसे गए भोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ठंडी पूड़ी, बिना मसाले वाले आलू और खाने से दुर्गंध आने की शिकायत करते हुए विद्यार्थियों ने जमकर नाराजगी जताई। इस दौरान हुए हंगामे का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित इतने बड़े समारोह के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने आयोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल, बिहार विधानसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान करना था, लेकिन समापन के बाद भोजन को लेकर सामने आई शिकायतों ने समारोह की चर्चा का रुख बदल दिया। विद्यार्थियों की शिकायत है कि समारोह के बाद उन्हें जो भोजन परोसा गया, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी। खाने की थाली में ठंडी पूड़ी, बिना मसाले वाले आलू के टुकड़े और एक मिठाई दी गई थी। विद्यार्थियों ने भोजन को लेकर असंतोष जताते हुए कहा कि इस तरह का खाना परोसना उचित नहीं है। कुछ विद्यार्थियों ने खाने से दुर्गंध आने की शिकायत भी की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विद्यार्थियों को भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते और नाराजगी जाहिर करते हुए छात्राओं को सुना जा सकता है। वीडियो में छात्र भोजन को खराब बताते हुए आशंका जताते हैं कि ऐसा खाना खाने से लोग बीमार पड़ सकते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी हो सकता है। हालांकि, इस घटना में फूड पॉइजनिंग होने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

बताया गया कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों के साथ-साथ मीडिया कर्मियों और अन्य अतिथियों के लिए भी इसी तरह का भोजन परोसा गया था। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायतों ने आयोजन की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। भोजन को लेकर छात्रों का हंगामा बढ़ने पर खाना बनाने वाले कर्मी और केयरटेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्हें खाना बनाने के लिए जैसा निर्देश दिया गया था, उन्होंने उसी के अनुसार भोजन तैयार किया है। इस पर विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें इसी तरह का खराब खाना बनाने के लिए कहा गया था? छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, संबंधित कर्मी ने भोजन को खराब मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि विभाग के अन्य लोगों को भी यही खाना दिया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई। हालांकि, दूसरे लोगों की ओर से शिकायत नहीं किए जाने का तर्क विद्यार्थियों की नाराजगी को शांत नहीं कर सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठने लगा कि इतने बड़े आयोजन में भोजन की गुणवत्ता की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है। यहां बिहार के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। ऐसे संस्थान में दीक्षांत समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों का उत्सव भी होता है।

ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में विद्यार्थियों, अतिथियों और मीडिया कर्मियों के लिए बेहतर भोजन की व्यवस्था करना भी विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है। समारोह में राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जैसे विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी के बावजूद भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विद्यार्थियों की शिकायतों के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि भोजन तैयार करने और परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं। यदि भोजन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सिर आलम ने कहा, "इवेंट दीक्षांत समारोह था, उस पर फोकस होना चाहिए। अब किसी को खाना खराब लगा, तो हम समीक्षा करेंगे और अगली बार से इन बातों का ध्यान रखेंगे।"विश्वविद्यालय प्रशासन के इस बयान से स्पष्ट है कि भोजन को लेकर मिली शिकायतों की समीक्षा किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, विद्यार्थियों की नाराजगी के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल, CUSB के पंचम दीक्षांत समारोह में 95 गोल्ड मेडल और 1662 डिग्रियों की उपलब्धि के बीच भोजन की गुणवत्ता का विवाद चर्चा में है। विद्यार्थियों की शिकायत ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब विश्वविद्यालय इतने बड़े समारोह का आयोजन कर सकता है, तो उसमें शामिल लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित क्यों नहीं की जा सकी?

मनोज की रिपोर्ट