Bihar News : संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कर्मियों का फूटा गुस्सा, वेतनमान और पेंशन के लिए मगध प्रमंडल आयुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन, 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा

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Bihar News : संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कर्मियों का फूटा गुस्स
कर्मियों का फूटा गुस्सा- फोटो : SOCIAL MEDIA

GAYAJI : बिहार प्रदेश संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मगध प्रमंडल आयुक्त कार्यालय के समक्ष एक शांतिपूर्ण लेकिन जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महासंघ के शिष्टमंडल ने महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति के नाम संबोधित एक 5 सूत्री मांग पत्र मगध प्रमंडल के आयुक्त के सचिव सुशील कुमार को सौंपा और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की।

सरकार की वादाखिलाफ़ी पर बरसे शिक्षक नेता:

इस मौके पर फैक्टनेब के मगध विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मिट्ठू और संरक्षक प्रोफेसर नवल किशोर शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्राध्यापकों ने सरकार की नीतियों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि बिहार के लगभग 65 प्रतिशत छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले इन संबद्ध और अनुदानित डिग्री कॉलेजों के कर्मियों की नियमित वेतनमान और पेंशन की मांग पिछले 40 वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के समय तत्कालीन नीतीश सरकार ने अंगीभूत (कांस्टीट्यूएंट) कॉलेजों की तर्ज पर नियमित वेतनमान देने की घोषणा की थी और मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी भी बनाई थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इस कमेटी की एक भी बैठक नहीं हुई है।

भुखमरी के कगार पर कर्मचारी, 8 सत्रों का अनुदान बकाया:

शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि नियमित वेतनमान तो दूर, सरकार ने पहले से स्वीकृत लगभग आठ सत्रों का डिग्री और इंटर का अनुदान भी बकाया रखा है। इस लेटलतीफी और बेरुखी के कारण सूबे के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, पिछले छह महीनों से विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य का पारिश्रमिक भी समय पर नहीं मिल रहा है। इसमें भी 25 से 35 प्रतिशत तक टीए (TA) और होल्टेज की कटौती कर बेहद लेटलतीफ भुगतान किया जा रहा है, जबकि 80 प्रतिशत मूल्यांकन का कार्य यही शिक्षक करते हैं।

विश्वविद्यालय स्तर पर चुनाव और नियुक्तियों में देरी पर नाराजगी:

प्रदर्शनकारियों ने मगध विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर सीनेट और सिंडिकेट के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। इसके साथ ही संबद्ध कॉलेजों के शासी निकाय (GB) में सचिव, अध्यक्ष, यूआर (UR) और टीआर (TR) आदि महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति में जानबूझकर देरी की जा रही है। नेताओं ने इस लेटलतीफी की प्रथा को तुरंत समाप्त कर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह अपडेट करने की नितांत आवश्यकता बताई।

14 जुलाई को महाधरना और 20 जुलाई को घेराव का ऐलान:

अपनी जायज मांगों को लेकर महासंघ ने अब चरणबद्ध और उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। नेताओं ने एलान किया कि आगामी 14 जुलाई 2026 को मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय पर एक विशाल महाधरना दिया जाएगा। इसके बाद, 20 जुलाई को पटना स्थित गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद (MLC) जीवन कुमार के आवास का घेराव किया जाएगा। उन पर यह दबाव बनाया जाएगा कि वे 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले विधानमंडल के आगामी सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर संबद्ध डिग्री कॉलेज के कर्मियों की मांगों को लेकर धरने पर बैठें।