गयाजी में अनोखा महायज्ञ : नकारात्मकता दूर करने के लिए मिर्च की आहुति, शहीदों के सम्मान में उमड़ी भीड़
गयाजी के इमामंगज में 'श्री शतचंडी रूद्र शनि शांति मारुति महायज्ञ' क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। इस महायज्ञ पारंपरिक पूजा-पाठ तक नहीं है, बल्कि इसमें दी जा रही मिर्च की आहुति और राष्ट्रभक्ति का जज्बा इसे अन्य आयोजनों से अलग बना...
Gayaji : बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड स्थित पाकरडीह गांव इन दिनों एक अनूठे धार्मिक और सामाजिक आयोजन का गवाह बन रहा है। यहां आयोजित 'श्री शतचंडी रूद्र शनि शांति मारुति महायज्ञ' क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। यह महायज्ञ केवल पारंपरिक पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दी जा रही मिर्च की आहुति और राष्ट्रभक्ति का जज्बा इसे अन्य आयोजनों से बिल्कुल अलग और खास बना रहा है।
यज्ञ की सबसे विलक्षण बात हवन कुंड में मिर्च की आहुति देना है। आम तौर पर यज्ञों में घी, जौ और तिल की आहुति दी जाती है, लेकिन यहां नकारात्मक शक्तियों के विनाश और जन-कल्याण के लिए लाल मिर्च का उपयोग किया जा रहा है। श्रद्धालु अपनी कुंडली के दोषों और ग्रह पीड़ा से मुक्ति की कामना के साथ बड़ी संख्या में इस अनुष्ठान का हिस्सा बन रहे हैं। मिर्च की इस विशेष आहुति को देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ इस यज्ञ मंडप में राष्ट्रभक्ति की भी एक नई मिसाल देखने को मिल रही है। आयोजन समिति ने यज्ञ स्थल पर दो विशेष दान पेटियां रखी हैं—एक देश के वीर शहीद जवानों के सम्मान में और दूसरी जरूरतमंद किसानों की सहायता के लिए। आयोजकों का कहना है कि जिन जवानों की बदौलत देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं, उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करने का यह एक छोटा सा प्रयास है। साथ ही, अन्नदाता किसानों की मदद कर वे समाज को सेवा का संदेश देना चाहते हैं।
महंत श्री योगेश्वरानंद स्वामी शनि देव जी महाराज ने इस आयोजन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस विशेष यज्ञ के माध्यम से ग्रह-नक्षत्रों की शांति होती है। उन्होंने बताया कि मिर्च की आहुति का विधान विशेष रूप से बाधाओं को दूर करने और शारीरिक एवं मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए किया गया है। महाराज के अनुसार, इस अनुष्ठान से न केवल व्यक्तिगत शांति मिलती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि का संचार होता है।
महायज्ञ के कारण पूरे पाकरडीह गांव का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों ने भी धर्म को राष्ट्र सेवा और सामाजिक सरोकार से जोड़ने की इस पहल की सराहना की है। यह आयोजन गया जिले में आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और देशभक्ति की एक नई इबारत लिख रहा है।
मनोज कुमार की रिपोर्ट