Bihar News: 12 घंटे का सफर अब 6 घंटे में! वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से बदलेगी बिहार की तस्वीर, 672 KM की सड़क पर सरपट दौड़ेंगी गाड़ियां, इन चार राज्यों के बीच कनेक्टिविटी होगी मजबूत

Bihar News: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क को नई रफ्तार मिलने वाली है। ...

Varanasi Gaya Kolkata Expressway
12 घंटे का सफर अब 6 घंटे में! - फोटो : social Media

Bihar News:  बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क को नई रफ्तार मिलने वाली है। वाराणसी से रांची होते हुए कोलकाता तक बन रहा 672 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद सफर की तस्वीर बदल सकता है। जिस दूरी को तय करने में फिलहाल 10 से 12 घंटे लगते हैं, उसे करीब छह घंटे में पूरा करने का लक्ष्य है। भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल यात्रियों का समय बचाएगा, बल्कि माल ढुलाई, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा देगा।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के औरंगाबाद परियोजना निदेशक देवेंद्र कुमार बंसल ने इमामगंज के बतेसा स्थित परियोजना कैंप में मीडिया प्रतिनिधियों को परियोजना की प्रगति और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए मीडिया टूर भी आयोजित किया गया।

गया में 1248 करोड़ से बन रहा 33.5 KM का हिस्सा

परियोजना निदेशक के मुताबिक, गया जिले में एक्सप्रेसवे के 33.5 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण 1,248.37 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण की जिम्मेदारी जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सौंपी गई है। अधिकारियों ने बताया कि एक साल में इस हिस्से का लगभग 35 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। निर्माण कार्य दिसंबर 2027 के अंत तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।परियोजना निदेशक और अन्य अधिकारियों ने मीडिया प्रतिनिधियों को चपड़ी गांव के पास निर्माण स्थल का भ्रमण कराया। इस दौरान सड़क निर्माण और विभिन्न संरचनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, सड़क को टिकाऊ बनाने के लिए इसकी ढलाई तीन परतों में की जा रही है, ताकि लंबे समय तक सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

चार राज्यों के बीच कनेक्टिविटी होगी मजबूत

करीब 672 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ेगा। परियोजना का लगभग 161 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। छह लेन का यह ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक क्षेत्रों तक माल पहुंचाना आसान होगा। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुधरने और निर्माण तथा परिवहन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

गया में बनेंगे 12 पुल, 8 फ्लाईओवर और 19 अंडरपास

एक्सप्रेसवे के गया वाले हिस्से में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़ी संरचनाएं तैयार की जाएंगी। परियोजना के तहत तीन बड़े और नौ छोटे पुलों सहित कुल 12 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा आठ फ्लाईओवर, 19 वाहन अंडरपास, एक इंटरचेंज और एक टोल प्लाजा बनाया जाएगा।यात्रियों की सुविधा के लिए दो रेस्ट एरिया भी प्रस्तावित हैं। वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दो हाथी अंडरपास और दो एनिमल ओवरपास बनाने का प्रावधान किया गया है। इन संरचनाओं का उद्देश्य सड़क यातायात को व्यवस्थित करने के साथ वन्यजीवों के सड़क पार करने के दौरान दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है।

विकास, व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे पूर्वी भारत के सड़क नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके पूरा होने पर लंबी दूरी के यात्रियों को समय की बचत के साथ बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। बिहार के गया समेत आसपास के क्षेत्रों को भी इससे आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिल सकता है।हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल गया जिले में निर्माण की प्रगति और निर्धारित समयसीमा पर काम पूरा करना अधिकारियों के सामने अहम चुनौती है।