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Bihar News: हाय रे सरकार: 5 साल से हजारों किसान लगा रहे गुहार,बिजली कनेक्शन के लिए अभी तरस रहे,यह कैसा सुशासन...

सरकार ने किसानों को बिजली कनेक्शन देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन समस्तीपुर में इन योजनाओं का क्रियान्वयन इतना धीमा है कि पांच साल से आवेदन देने के बाद भी अभी तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है।

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कब मिलेगा बिजली कनेक्शन - फोटो : Hiresh Kumar

Bihar News:समस्तीपुर के   हसनपुर प्रखंड में बिजली कनेक्शन का अभाव किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। हसनपुर प्रखंड के किसान पिछले पांच साल से बिजली कनेक्शन की आस लगाए बैठे हैं। 2019 में आयोजित शिविर में हजारों किसानों ने आवेदन दिया था, लेकिन अभी भी कई किसानों के खेतों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इस समस्या के कारण किसानों को निजी पंपसेट पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है और फसलों को नुकसान का खतरा भी मंडरा रहा है।

हसनपुर प्रखंड में गन्ना, मक्का, धान और हरी सब्जियों की खेती प्रमुखता से होती है। 11,000 हेक्टेयर कृषि भूमि वाले इस क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की कमी से सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। 20 पंचायतों के लगभग 6000 किसानों ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अभी भी आधे से अधिक किसानों के खेतों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।

सरकार ने किसानों को बिजली कनेक्शन देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन हसनपुर प्रखंड में इन योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा चल रहा है। बिजली कनेक्शन मिलने से किसान बिजली मोटरों का उपयोग कर सकेंगे और सिंचाई की सुविधा में सुधार होगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ेगा।

 निजी पंपसेट का उपयोग करने के लिए किसानों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।फसलों को नुकसान: समय पर सिंचाई न होने के कारण फसलों को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है।कृषि उत्पादन में कमी: सिंचाई की समस्या के कारण कृषि उत्पादन में कमी आ सकती है।

किसानों की मांग है कि संबंधित विभाग खेतों तक जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन पहुंचाएं। उन्होंने सरकार से अपील है कि वह इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए।

इस समस्या का समाधान करके सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में सुधार लाने में योगदान दे सकती है।

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