Worlds largest Shivling in Gopalganj: गोपालगंज में सनातन का महासमागम, मंत्री अशोक चौधरी की अगुवाई में हुआ विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की ऐतिहासिक पूजा, अब केसरिया के लिए प्रस्थान , देखें तस्वीरें

Worlds largest Shivling in Gopalganj: बिहार की पावन धरती आज एक ऐसे क्षण की साक्षी बनी, जिसे आने वाली पीढ़ियां श्रद्धा और गौरव के साथ स्मरण करेंगी। ....

Gopalganj Hosts Sanatan Mega Event Historic Shiva Lingam Puj
गोपालगंज में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की ऐतिहासिक पूजा- फोटो : reporter

Worlds largest Shivling in Gopalganj: बिहार की पावन धरती आज एक ऐसे क्षण की साक्षी बनी, जिसे आने वाली पीढ़ियां श्रद्धा और गौरव के साथ स्मरण करेंगी। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल आज गोपालगंज पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर मां भवानी का आशीर्वाद लिया।

इसके बाद दोनों नेता कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत बलथरी चेकपोस्ट पहुंचे, जहां विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह दृश्य सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन आस्था की ऐतिहासिक झलक था, जहां श्रद्धा और परंपरा साक्षात रूप में दिखाई दी।

करीब 210 मीट्रिक टन वजनी, ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह दिव्य शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है, जिसकी स्थापना पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में की जानी है। पूजा के उपरांत यह विशाल शिवलिंग अपने अंतिम गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा।

इस अवसर पर मंत्री अशोक चौधरी ने भावुक शब्दों में कहा कि यह शिवलिंग केवल पत्थर की आकृति नहीं, बल्कि एक महान संकल्प और दिव्य स्वप्न का प्रतीक है। स्वर्गीय किशोर कुणाल जी ने यह सपना देखा था कि ऐसा शिवलिंग बने, जिसके दर्शन और जलाभिषेक से 1008 शिवलिंग के पूजन का पुण्य प्राप्त हो। आज वह सपना साकार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि इस शिवलिंग का निर्माण महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है और ट्रस्ट की टीम शुद्धता, भव्यता और परंपरा के अनुरूप हर पहलू की निगरानी कर रही है। इस पावन अवसर पर बिहार विधान परिषद सदस्य राजीव कुमार सिंह उर्फ गप्पू बाबू और बरौली विधायक मनजीत सिंह भी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश से हनुमानगढ़ी से जुड़े संत और श्रद्धालु भी शिवलिंग के स्वागत में गोपालगंज बॉर्डर तक पहुंचे। मंत्री ने कहा कि “हनुमान जी को रुद्रपुत्र माना जाता है और महादेव स्वयं हनुमान स्वरूप हैं। ऐसे में इस शिवलिंग की स्थापना से बिहार में सनातन परंपरा को नई ऊर्जा और नई शक्ति मिलेगी।”

वहीं सायन कुणाल ने जानकारी दी कि 10 से 12 तारीख के बीच शिवलिंग केसरिया पहुंच जाएगा और 17 तारीख, मार्ग कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर इसकी विधिवत स्थापना होगी। वर्ष 2030 तक विराट रामायण मंदिर का संपूर्ण निर्माण पूरा कर सभी देवी-देवताओं की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

बहरहाल गोपालगंज की धरती से शुरू हुई यह शिवभक्ति की विराट यात्रा बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व के सनातन श्रद्धालुओं के लिए एक स्वर्णिम और ऐतिहासिक अध्याय बनने जा रही है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा