नीतीश कुमार ने गोपालगंज में योजनाओं की जानी हकीकत, बतरदेह बांध से विकास स्टॉल तक का किया निरीक्षण, सीएम ने सरकारी प्लान में देरी और लापरवाही पर अधिकारियों को लताड़ा

Nitish Kumar Samrddhi Yatra: बिहार की सियासत में विकास और समीक्षा की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत गोपालगंज पहुंचे।

Nitish Reviews Projects in Gopalganj Warns Against Delays La
सीएम ने सरकारी प्लान में देरी और लापरवाही पर अधिकारियों को लताड़ा- फोटो : reporter

Nitish Kumar Samrddhi Yatra: बिहार की सियासत में विकास और समीक्षा की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत गोपालगंज पहुंचे। इस दौरे को महज़ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत का जायजा लेने वाली सियासी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बतरदेह बांध का निरीक्षण कर जल संसाधन और सिंचाई व्यवस्था की नब्ज़ टटोली। अधिकारियों से बांध की स्थिति, सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी ली गई।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने 24 विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इन स्टॉलों के जरिए सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप को प्रदर्शित किया गया था। नीतीश कुमार ने एक-एक स्टॉल पर रुककर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि विकास सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचना चाहिए। सियासी भाषा में कहें तो यह गवर्नेंस की ग्राउंड रिपोर्ट लेने की कोशिश थी।

मुख्यमंत्री इसके बाद बरौली प्रखंड पहुंचे, जहां लगभग 15 विकास स्टॉल लगाए गए थे। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की झलक दिखी। स्टॉल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने बरौली प्रखंड कार्यालय में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं को क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

नीतीश कुमार ने बरौली प्रखंड स्थित निर्माणाधीन प्रखंड भवन का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री को विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में देरी और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समृद्धि यात्रा के जरिए नीतीश कुमार एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि विकास उनकी सियासत का केंद्रीय एजेंडा है। गोपालगंज दौरे में निरीक्षण, संवाद और शिलान्यास के जरिए सरकार ने यह दिखाया कि सत्ता की असली कसौटी ज़मीन पर काम से तय होती है, न कि सिर्फ नारों से।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा