थावे मां दुर्गा मंदिर के विकास पर प्रशासन का एक्शन मोड, धीमी रफ्तार पर डीएम नाराज, एजेंसियों को समय सीमा में काम पूरा करने का अल्टीमेटम

Thave Temple: थावे मां दुर्गा मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों में सुस्ती अब प्रशासन को मंजूर नहीं है।

Thave Temple Development DM Warns
थावे मां दुर्गा मंदिर के विकास पर प्रशासन का एक्शन मोड- फोटो : reporter

Gopalganj:  जिले के प्रसिद्ध थावे मां दुर्गा मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों में सुस्ती अब प्रशासन को मंजूर नहीं है। विकास परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम समीर सौरभ के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने मंदिर परिसर का स्थल निरीक्षण कर चल रहे निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान काम की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर संबंधित एजेंसियों के प्रति नाराजगी जताई गई। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा किया जाए। हालांकि, रफ्तार बढ़ाने के साथ गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत भी दी गई है।

दो बड़े प्रोजेक्ट पर चल रहा काम

थावे मंदिर को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से परिसर में विकास और सौंदर्यीकरण की दो बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें एक परियोजना पर्यटन विभाग के माध्यम से और दूसरी बिहार राज्य भवन निर्माण विभाग के जरिए संचालित की जा रही है। स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं के तहत हो रहे कार्यों की भौतिक प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा की बारीकी से समीक्षा की। संबंधित एजेंसियों से काम की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी भी ली गई।

डीएम ने जताई नाराजगी, एक महीने बाद फिर होगी जांच

डीएम समीर सौरभ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान परियोजनाओं की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इसे लेकर संबंधित एजेंसियों के प्रति नाराजगी जताते हुए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने साफ किया कि काम जल्द पूरा करने की होड़ में निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। करीब एक महीने बाद दोबारा स्थल निरीक्षण कर यह देखा जाएगा कि निर्देश के बाद कार्यों की गति में कितना सुधार हुआ है। निरीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई और निर्णय लिया जाएगा।

पाक्षिक समीक्षा से होगी निगरानी

थावे मंदिर के विकास कार्यों पर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह द्वारा विकास परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य तय मानकों के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे हों। थावे मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि विकास कार्य पूरे होने के बाद मंदिर परिसर की खूबसूरती के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था और पर्यटन अनुभव में भी सुधार हो। फिलहाल प्रशासन ने निर्माण एजेंसियों को साफ संदेश दे दिया है काम की रफ्तार धीमी नहीं चलेगी, लेकिन गुणवत्ता से समझौता भी नहीं होगा। अब अगली समीक्षा में यह देखना अहम होगा कि सख्ती के बाद थावे मंदिर के विकास कार्य कितनी तेजी पकड़ते हैं।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा