Bihar News: अतिक्रमण से कराहती छाड़ी नदी पर प्रशासन का शिकंजा, 5 अमीन करेंगे जमीन का सर्वे, नोटिस के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

Bihar News: गोपालगंज शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली छाड़ी नदी की बदहाल हालत को लेकर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ..

Tightens Grip on Encroachment Along Chhadi River
अतिक्रमण से कराहती छाड़ी नदी पर प्रशासन का शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar News: गोपालगंज शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली छाड़ी नदी की बदहाल हालत को लेकर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अतिक्रमण और कचरे के बोझ तले दम तोड़ रही नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी समीर सौरभ ने नदी की जमीन का सर्वे कराने और अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। इसके लिए पांच अमीनों की टीम गठित की गई है।

दरअसल, गंडक नदी से निकलकर गोपालगंज शहर के बीच से गुजरने वाली छाड़ी नदी लंबे समय से बदहाली का शिकार है। नदी के कई हिस्सों में अतिक्रमण होने के साथ-साथ भारी मात्रा में कचरा जमा है। इससे पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है। कई जगह पानी जमा रहने और कचरे के सड़ने से आसपास के इलाकों में दुर्गंध की स्थिति बनी हुई है। नदी की दुर्दशा से स्थानीय लोगों को गंदगी और जलजमाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

छाड़ी नदी की स्थिति में सुधार और इसके जीर्णोद्धार को लेकर जिला गंगा समिति की बैठक में भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। इसके बाद डीएम के निर्देश पर पांच अमीनों की टीम गठित की गई है।

यह टीम छाड़ी नदी की वास्तविक जमीन और उसके मौजूदा स्वरूप का सर्वे करेगी। सर्वे के दौरान नदी की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अतिक्रमणकारियों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर नदी की जमीन खाली करने का निर्देश दिया जाएगा।

डीएम समीर सौरभ ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस जारी होने के बाद भी यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद नदी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप की स्थिति बन सकती है।अतिक्रमण हटाने के साथ ही नदी की साफ-सफाई कराने की भी तैयारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि नदी की जमीन खाली होने और कचरा हटाए जाने के बाद पानी के बहाव में सुधार आएगा। इससे शहर के कई हिस्सों में जलजमाव, गंदगी और दुर्गंध की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। अब निगाहें अमीनों की सर्वे रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

रिपोर्ट- नमोनाराण मिश्रा