वेतन भुगतान के बदले 37 हजार घूस ले रहा था स्वास्थ्य केंद्र का लिपिक, निगरानी ने रंगे हाथ दबोचा
Bihar Crime : आए दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले से भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी होती रहती है। बावजूद इसके रिश्वतखोरी का मामला थमने का नाम नही ले रहा। निगरानी फिर एक रिश्वखोर सरकारी कर्मचारी को रंगे हाथ दबोचा है...
Patna : भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पटना मुख्यालय टीम ने जमुई जिले के सोनो स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को निगरानी की टीम ने केंद्र के लिपिक रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय कक्ष से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लिपिक एक महिला कर्मी के लंबित वेतन के भुगतान के बदले एक महीने की पूरी सैलरी रिश्वत के तौर पर मांग रहा था, जिसकी शिकायत ब्यूरो को प्राप्त हुई थी।
एक महीने की सैलरी मांगी थी बतौर घूस
मामला मुंगेर जिले की रहने वाली परिवादिनी सुश्री राजनंदनी से जुड़ा है। उन्होंने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि जून 2025 में ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद से ही उनका वेतन भुगतान नहीं किया गया था। आरोपी लिपिक रूपेश कुमार वेतन भुगतान से संबंधित विपत्र (बिल) भेजने के एवज में लगातार उनसे रिश्वत की मांग कर रहा था। ब्यूरो द्वारा शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराए जाने पर जब मामला सही पाया गया, तो पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार-II के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया।
आलमारी से मिले 35 हजार अतिरिक्त नकद; जांच के घेरे में अन्य कर्मी
कार्रवाई के दौरान न केवल रिश्वत की राशि बरामद हुई, बल्कि आरोपी लिपिक के कार्यालय कक्ष में स्थित आलमारी की तलाशी लेने पर 35,000 रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद की गई। इस अतिरिक्त राशि के स्रोत के बारे में भी पुलिस पूछताछ कर रही है। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी के खेल में कार्यालय के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल थे।
सत्यापन के बाद बिछाया गया था जाल
निगरानी ब्यूरो ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पूरी योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया था। जैसे ही परिवादिनी ने आरोपी को 37 हजार रुपये थमाए, पहले से तैयार निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। जमुई के सोनो प्रखंड में इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध ब्यूरो की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बीच काफी चर्चा हो रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तार अभियुक्त रूपेश कुमार को हिरासत में लेकर पटना लाया गया है, जहाँ पूछताछ के उपरांत उसे भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल, विभाग आगे के तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने के लिए अनुसंधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
अनिल की रिपोर्ट