जमुई के कुख्यात गुड्डू यादव गैंग पर EOU का शिकंजा, 17 नामजद, करोड़ों की कथित अवैध संपत्ति का खुलासा, कुर्की की तैयारी

Bihar Crime: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने जमुई के कुख्यात अपराधी गुड्डू यादव और उसके कथित संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है।...

Jamui EOU Cracks Down on Guddu Yadav Gang 17 Booked
जमुई के कुख्यात गुड्डू यादव गैंग पर EOU का शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई  ने जमुई के कुख्यात अपराधी गुड्डू यादव और उसके कथित संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। EOU ने 27 जुलाई 2026 को आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-14/2026 दर्ज करते हुए गिरोह के 17 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरोह हत्या, रंगदारी, अपहरण, जमीन कब्जाने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने जैसे संगठित अपराधों में शामिल रहा है।

जांच के अनुसार, गुड्डू यादव (पिता– विश्वुनदेव यादव उर्फ मच्छर यादव), निवासी बोदर, थाना सिकंदरा, जिला जमुई, पिछले करीब 25 वर्षों से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ 39 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। आरोप है कि गिरोह राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और गरीबों को डराकर उनकी जमीन औने-पौने दाम पर खरीद लेता था।

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि सिकंदरा में सरकारी अस्पताल की बाउंड्री तोड़कर अवैध रूप से दुकानें बनवाई गईं। EOU का कहना है कि गुड्डू यादव की पत्नी दुलारी देवी, जो वर्तमान में जमुई जिला परिषद की अध्यक्षा हैं, के नाम पर भी संपत्तियां मिली हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है।

EOU के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच केवल दस वर्षों में गुड्डू यादव और उसकी पत्नी के नाम 19 अचल संपत्तियां खरीदी गईं। इनका क्रय मूल्य 2.67 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि सरकारी सर्किल रेट के अनुसार इनकी कीमत करीब 7.59 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा गिरोह के सहयोगियों के नाम पर 61 अन्य दस्तावेज मिले हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6.65 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी ने 10 बैंक खातों की भी पड़ताल शुरू कर दी है।

एफआईआर में गुड्डू यादव के अलावा बाबूलाल यादव, ललन यादव, भूषण यादव, विपिन यादव, प्रमोद यादव, राकेश उर्फ सोनू यादव, शहनवाज अली, प्रवीण मिश्रा, आलोक मिश्रा समेत कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

EOU के अपर पुलिस अधीक्षक प्रियव्रत नाथ साहू को मामले की जांच सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, कथित अवैध संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।