वर्दी को चुनौती! जमुई में पुलिस को घेरकर बरसाए पत्थर, हवलदार का सिर फोड़ा और कब्जे से ट्रैक्टर छुड़ा ले गए बेखौफ माफिया

अवैध बालू माफियाओं ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। रविवार को हुई इस हिंसक घटना में माफियाओं ने पुलिस वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और एक हवलदार नितेश कुमार को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

वर्दी को चुनौती! जमुई में पुलिस को घेरकर बरसाए पत्थर, हवलदार

Jamui : जिले के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत लकड़ीकोला गांव में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर बालू माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया. रविवार को हुई इस हिंसक झड़प में उपद्रवियों ने पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक हवलदार को गंभीर रूप से घायल कर दिया. माफिया इतने बेखौफ थे कि वे पुलिस के कब्जे से बालू लदा ट्रैक्टर छुड़ाकर फरार हो गए. इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद समेत 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने पर बढ़ा विवाद

पुलिस को सूचना मिली थी कि लकड़ीकोला क्षेत्र में बालू की चोरी की जा रही है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भाग रहे कई ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, जिसमें एक नीले रंग का स्वराज ट्रैक्टर पकड़ा गया. चालक अंकित कुमार यादव बालू के वैध कागजात नहीं दिखा सका, जिसके बाद पुलिस ने उसे और वाहन को हिरासत में लेने का प्रयास किया. इसी दौरान माफियाओं के इशारे पर भारी भीड़ वहां जमा हो गई.

भीड़ का पथराव और हवलदार का घायल होना

हिरासत में लेने की प्रक्रिया के बीच अचानक करीब दो दर्जन लोगों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया. इस हमले में 51 वर्षीय हवलदार नितेश कुमार के सिर में गंभीर चोट आई और वे लहूलुहान हो गए. उग्र भीड़ के तेवर देख मौके पर मौजूद पुरुष और महिला सिपाही हतप्रभ रह गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी.

एसआई ने घर में छिपकर बचाई जान

पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद एसआई संगीता कुमारी को अपनी जान बचाने के लिए पास के एक घर में शरण लेनी पड़ी. इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर बालू माफिया और उनके समर्थक पुलिस के कब्जे से जब्त ट्रैक्टर और चालक को छुड़ाकर फरार होने में सफल रहे. घटना के बाद पुलिस टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा.

नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

घटना के बाद घायल हवलदार नितेश कुमार के आवेदन पर टाउन थाने में केस दर्ज किया गया है. इसमें सादपुर निवासी अंकित कुमार यादव, श्रवण यादव और लकड़ीकोला निवासी अंगद महतो को नामजद किया गया है. इसके अलावा 25 अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त करने और जानलेवा हमला करने जैसी संगीन धाराएं लगाई गई हैं.

पुलिस की छापेमारी और आगे की जांच

हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन सभी आरोपी घर छोड़कर फरार पाए गए. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पर हाथ डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.