Bihar News : जमुई पुलिस लाइन की सुरक्षा में बड़ी सेंध, संवेदनशील परिसर में बेखौफ चल रहा अवैध बाजार
JAMUI : आम तौर पर जिले की पुलिस केंन्द्रो को सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील माना जाता है और वहां बिना इज़ाज़त परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। लेकिन इससे इतर जमुई पुलिस केंद्र मलयपुर की सुरक्षा व्यवस्था मे बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। बताया जा रहा है की मलयपुर पुलिस आरक्षी केंद्र में अवैध दुकानदारी बेखौफ जारी है। सहूलियत के नाम पर शुरू हुआ अस्थायी इंतजाम अब खुले अतिक्रमण में बदल गया है। परिणामस्वरूप पुलिस केंद्र की चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
शाम ढलते ही पुलिस केंद्र के बैरक के समीप अंडा–पकौड़ा, लिट्टी–चोखा, फल, चाट, चिप्स, कुरकुरे और आलू पराठा तक की दुकानें सज जाती हैं। आधे दर्जन से अधिक अनाधिकृत दुकानें खुलने से पूरे परिसर में बाजार जैसा माहौल दिखाई देता है। इससे न केवल अनुशासन प्रभावित होता है, बल्कि सुरक्षा घेरा भी कमजोर पड़ता है, क्योंकि इस बहाने बाहरी लोगों की आवाजाही आसान हो जाती है।
सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षणरत जवानों की सुविधा के लिए केवल फल की दुकान लगाने का मौखिक आदेश दिया गया था। लेकिन उसी ढील का फायदा उठाते हुए अब कई दुकानें खड़ी हो गई हैं। जबकि पुलिस केंद्र में पहले से ही स्वीकृत कैंटीन चालू है, जहां प्रशिक्षणरत जवानों के नाश्ता और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहती है। ऐसे में परिसर के भीतर अलग–अलग अवैध दुकानें चलना सीधे–सीधे नियमों का उल्लंघन है। जानकारों का कहना है कि पुलिस केंद्र जैसी संवेदनशील जगह पर अनुशासन और सुरक्षा सर्वोपरि होना चाहिए, मगर यहां ‘सहूलियत’ के नाम पर अतिक्रमण को बढ़ावा देकर सुरक्षा मे जोखिम खड़ा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इन दुकानों में अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग भी किया जा रहा है, जिससे बिजली विभाग को नुकसान पहुंच रहा है।
इस बाबत लाइन डीएसपी सुरेश प्रसाद साह ने बताया की ट्रेनिंग सेंटर में महिला और पुरुष प्रशिक्षु मेहनत करते हैं। सुबह-शाम फल की दुकान खुलती है। ट्रेनिंग सेंटर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। अंडा-पकौड़ा सहित अन्य दुकानों की जानकारी उन्हें नहीं है। ऐसे मे तस्वीरें साफ तौर से बयां कर रही है की जमुई पुलिस केंद्र की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा और कही ना कही इस अवैध धंधे मे किसी अधिकारी की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सुमित की रिपोर्ट