नीट छात्रा हत्याकांड : बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा जगाने न्याय यात्रा में शामिल हुए जदयू नेता, 25 किमी किए पदयात्रा

जदयू नेता अभिषेक शर्मा जो जहानाबाद के शाहपुर निवासी हैं, वे पूरी पदयात्रा में शामिल रहे. उन्होंने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड के इस मामले को बिहार की सभी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर देखने का विषय है.

 NEET student murder case
NEET student murder case- फोटो : news4nation

NEET student murder case : नीट छात्रा हत्याकांड के विरोध में बिहार पुलिस की कार्यशैली और बिहार सरकार की ढिलमुल नीतियों के खिलाफ आम लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में लोगों सड़कों पर न सिर्फ उतरकर विरोध जता रहे हैं बल्कि बिहार में अपनी तरह का पहला विरोध मार्च भी निकाला गया जिसमें करीब 25 किलोमीटर की पदयात्रा में हजारों लोगों शामिल हुए. विरोध मार्च मृतका के पैतृक गांव से जहानाबाद शहर तक 25 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया. 'बहन बेटी के सम्मान में पूरा बिहार मैदान में' स्लोगन के साथ निकली 'न्याय यात्रा' में जदयू नेता भी शामिल हुए. 


जदयू नेता अभिषेक शर्मा जो जहानाबाद के शाहपुर निवासी हैं, वे पूरी पदयात्रा में शामिल रहे. उन्होंने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड के इस मामले को बिहार की सभी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर देखने का विषय है. पटना जैसे शहर में पढ़ाई, नौकरी और रोजगार के लिए बड़ी संख्या में बिहार के कोने कोने से लडकियों का आना होता है. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो यह सामाजिक जिम्मेदारी है. साथ ही अगर कोई बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. 


उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा का उद्देश्य भी यही है कि नीट छात्रा हत्याकांड के गुनहगारों को सजा मिले. साथ ही समाज की हर बेटी निर्भय होकर रहे यह विश्वास जगाया जाना चाहिए. पीड़ित परिवार के साथ बिहार का हर व्यक्ति खड़ा है यह इस यात्रा से साबित हुआ है. बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है तो यह जरूरी है कि समयबद्ध तरीके से जांच पूर्ण हो.  गुनहगारों को सजा मिले और बिहार की बेटियों और नारी शक्ति को यह संदेश जाए कि बिहार में हर कोई सुरक्षित है. 


गौरतलब है कि पिछले महीने पटना में नीता छात्रा हत्याकांड का मामला सामने आया. इसमें पुलिस पर जांच प्रक्रिया को गम्भीरता से नहीं लेने का आरोप लगा. पटना में बड़े स्तर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौपा है.