Inspiring Success Story: गली-गली सब्जी बेचने वाले पिता का बेटा बना बिहार का हीरो, मैट्रिक परीक्षा में टॉप-5 में बनाई जगह, संघर्ष से सफलता तक

Inspiring Success Story:एक सब्जी विक्रेता के बेटे ने मैट्रिक परीक्षा में टॉप कर न सिर्फ अपने घर बल्कि पूरे इलाके को फख्र से भर दिया है।...

Street Vendor Son to Bihar Topper
ठेले से टॉपर तक- फोटो : social Media

Inspiring Success Story: सियासत के शोर और सिस्टम की सख्तियों के बीच एक ऐसी दास्तान उभर कर सामने आई है, जिसने उम्मीद और हौसले की नई इबारत लिख दी है। कैमूर के चैनपुर प्रखंड के अंवखरा गांव के रहने वाले एक सब्जी विक्रेता के बेटे ने मैट्रिक परीक्षा में टॉप कर न सिर्फ अपने घर बल्कि पूरे इलाके को फख्र से भर दिया है। विकास कुमार गुप्ता ने बिहार में पांचवां स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बा किसी भी हालात से बड़ा होता है।

विकास, जो नगर पंचायत हाटा स्थित श्री श्री 108 हाई स्कूल का छात्र रहा है, ने कुल 486 अंक यानी 97.2 फीसदी हासिल किए हैं। यह कामयाबी ऐसे परिवार से आई है, जहां रोजी-रोटी के लिए पिता अनिल गुप्ता वाराणसी की गलियों में ठेला लगाकर सब्जी बेचते हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष ने बेटे को वो हिम्मत दी, जिसने उसे बुलंदियों तक पहुंचा दिया।

पिता अनिल गुप्ता की जुबानी यह कहानी और भी जज्बाती हो जाती है। वह बताते हैं कि गरीबी के बावजूद उन्होंने कभी अपने बच्चों की तालीम में कमी नहीं आने दी। गली-गली सब्जी बेचकर उन्होंने अपने बच्चों के सपनों को जिंदा रखा। आज उसी संघर्ष का नतीजा है कि उनका बेटा पूरे कैमूर जिले में अव्वल और बिहार में पांचवें पायदान पर खड़ा है।

मां रीता देवी भी इस कामयाबी को बेटे की लगन और खुदा की मेहरबानी मानती हैं। तीन बच्चों के इस परिवार में बड़ा बेटा इंटर में पढ़ रहा है, छोटी बेटी सातवीं कक्षा में है, जबकि विकास ने अपने इम्तिहान से सबको हैरान कर दिया। शुरू से ही पढ़ाई में दिलचस्पी रखने वाले विकास ने दिन-रात की मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।

यह कहानी सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है जो तमाम मुश्किलों के बावजूद हार नहीं मानता। सियासी बहसों के बीच यह हकीकत सामने आई है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो ठेले से निकलकर भी कोई टॉपर बन सकता है।