डिजिटल हुईं जीविका दीदी: अब स्विग्गी-जोमैटो पर बिकेगा दीदियों के हाथों का स्वाद, CM ने किया उद्घाटन
कटिहार में जीविका दीदियों के लिए स्वरोजगार का नया अध्याय; अब स्विग्गी और जोमैटो पर दीदियों के हाथों का बना शुद्ध भोजन मिलेगा। आज सीएम नीतीश कुमार ने इसकी शुरूआत की।
Katihar - बिहार में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में आज एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान कटिहार में जीविका दीदियों के लिए एक अभिनव रोजगार मॉडल का उद्घाटन किया। इस नई पहल के तहत अब जीविका दीदियाँ पारंपरिक रसोई से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म की दुनिया में कदम रख रही हैं। कटिहार जिला प्रशासन और जीविका समूह के साझा प्रयास से अब दीदियों द्वारा तैयार किया गया शुद्ध और पौष्टिक भोजन ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
स्विग्गी और जोमैटो के साथ बड़ा करार

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जीविका दीदियों को अब स्विग्गी (Swiggy) और जोमैटो (Zomato) जैसे प्रमुख फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इस मॉडल के शुरू होने से शहर के लोग अब घर बैठे दीदियों के हाथों से बना 'घर जैसा खाना' ऑर्डर कर सकेंगे। डीएम ने बताया कि यह मॉडल न केवल लोगों को बाजार के मिलावटी खाने से बचाएगा और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराएगा, बल्कि जीविका दीदियों की दैनिक आमदनी में भी भारी वृद्धि करेगा।
देशभर में मिसाल बना 'बिहार मॉडल'

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जीविका दीदियों के लिए तैयार किया गया स्वरोजगार मॉडल आज पूरे भारत में अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहा है। कटिहार से शुरू हुई यह नई डिजिटल पहल इसी कड़ी का विस्तार है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज की वास्तविक उन्नति संभव है। इस पहल के माध्यम से जीविका दीदियों को उद्यमी (Entrepreneur) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर ई-कॉमर्स और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ रही हैं।
रोजगार सृजन और भविष्य की राह
कटिहार में इस मॉडल के उद्घाटन के बाद जीविका दीदियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिलाधिकारी के अनुसार, प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में जिले के अन्य प्रखंडों में भी इस मॉडल को विस्तार दिया जाए। बाइट में डीएम आशुतोष द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि दीदियों को हाइजीन और पैकेजिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली प्रतिस्पर्धा में वे अव्वल रहें। इस कदम से हजारों जीविका परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
Report - shayam