Bihar Flood: बाढ़ में डूबने से बचने का अनोखा जुगाड़! बोतलों का बना लिया लाइफ जैकेट

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ ने चारों तरफ लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।...

Katihar Kids Use Plastic Bottles as Life Jackets Amid Floods
बाढ़ में डूबने से बचने का अनोखा जुगाड़! - फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ ने चारों तरफ लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं घर-मकान पानी में घिरे हैं तो कहीं लोगों को आवागमन के लिए नाव और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी बीच कटिहार से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो एक पल के लिए सोचने पर मजबूर कर देती है। यह तस्वीर उन मासूम बच्चों की है, जिन्हें शायद बाढ़ के खतरे का पूरा इल्म भी नहीं, लेकिन पानी के बीच खुद को तैरते रखने का अपना अनोखा जुगाड़ जरूर मालूम है।

कटिहार के दुर्गापुर पंचायत इलाके में कोसी नदी के जलस्तर में इजाफा होने के बाद आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ के पानी से होकर गुजरने के लिए लोग सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, गांव के बच्चों ने इसका देसी विकल्प तलाश लिया है।

बच्चे पानी और कोल्ड ड्रिंक की खाली प्लास्टिक बोतलों को एक साथ इकट्ठा करते हैं। इसके बाद कई बोतलों को रस्सी से बांधकर कमर या गले के आसपास लगा लेते हैं। बोतलों के सहारे बच्चे बाढ़ के पानी में उतरकर तैरते नजर आ रहे हैं। मासूमों के लिए यह जुगाड़ जहां खेल और मस्ती का जरिया बना हुआ है, वहीं तस्वीर बाढ़ के बीच बच्चों की मजबूरी और जोखिम को भी उजागर करती है।

बच्चों का दावा- बोतल बांधने से नहीं डूबेंगे

बच्चों का कहना है कि वे कई बोतलों को रस्सी से बांधकर शरीर में लगा लेते हैं। इससे पानी में तैरने में आसानी होती है और डूबने का डर कम रहता है। बच्चे अपने इस जुगाड़ से काफी खुश नजर आते हैं और बाढ़ के पानी में तैरते हुए मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं।

वहीं, बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि ये सभी दुर्गापुर गांव के ही बच्चे हैं। वे अक्सर बोतलें बांधकर पानी में खेलने चले जाते हैं। उनका कहना है कि बाढ़ का पानी होने के कारण बच्चे डूब न जाएं, इसलिए बोतलों को शरीर से बांध लेते हैं।

हालांकि, बच्चों का यह देसी जुगाड़ देखने में भले ही दिलचस्प लगे, लेकिन बाढ़ के तेज बहाव में प्लास्टिक की बोतलों पर भरोसा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। पानी का बहाव अचानक तेज होने, गहराई बढ़ने या बोतलों के अलग होने से हादसा हो सकता है। ऐसे में बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखना और प्रशासन की ओर से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।कटिहार की यह तस्वीर एक तरफ बच्चों की मासूमियत और जुगाड़ की मिसाल पेश करती है, तो दूसरी तरफ बाढ़ के बीच ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती को भी सामने लाती है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह