Bihar News : कटिहार में परीक्षा छूटने पर भड़के छात्र, कॉलेजों में की जमकर तोड़फोड़ और आगजनी से मचा हड़कंप

Bihar News : कटिहार में परीक्षा छूटने पर भड़के छात्र, कॉलेजो

KATIHAR : जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों—डीएस कॉलेज, महिला कॉलेज और सीताराम चमरिया कॉलेज में स्नातक (सेमेस्टर-1) की परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों छात्रों ने आज जमकर बवाल काटा। छात्रों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्हें पता चला कि 'स्वच्छता' विषय की जिस परीक्षा के लिए वे पहुंचे हैं वह एक दिन पहले ही संपन्न हो चुकी है। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर आगजनी की और घंटों सड़क जाम रखा। सबसे उग्र प्रदर्शन महिला कॉलेज में देखा गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज की खिड़कियों के शीशे तक तोड़ डाले।

एडमिट कार्ड और परीक्षा की तारीखों का पेच

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का सीधा आरोप है कि उनके एडमिट कार्ड पर स्वच्छता विषय की परीक्षा 10 तारीख को निर्धारित की गई थी। इसी आधार पर सभी छात्र आज परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन वहां पहुंचने पर जानकारी मिली कि परीक्षा 9 तारीख को ही आयोजित कर ली गई। छात्रों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या व्यक्तिगत जानकारी के परीक्षा की तिथि में बदलाव करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसी सूचना के अभाव में सैकड़ों छात्र इस महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित रह गए हैं।

विश्वविद्यालय के निर्देश का हवाला दे रहा कॉलेज प्रशासन

हंगामे के बीच कॉलेज के शिक्षकों और प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परीक्षा तिथि में यह बदलाव विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार किया गया था। कॉलेज प्रबंधन का दावा है कि संशोधित परीक्षा कार्यक्रम को समय रहते विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था और कॉलेज के सूचना पट्ट (नोटिस बोर्ड) पर भी इसकी जानकारी चस्पा की गई थी। शिक्षकों के अनुसार, छात्रों ने संशोधित सूचना पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है।

तनावपूर्ण हुई स्थिति, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हंगामे और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। छात्रों की उग्रता को देखते हुए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई। काफी मशक्कत और घंटों की समझौता वार्ता के बाद छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सड़क से जाम हटाया गया और आवागमन को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका। हालांकि, कैंपस में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है और छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

छात्रों के भविष्य पर संशय, विश्वविद्यालय के फैसले का इंतजार

परीक्षा से वंचित रह गए छात्रों की मांग है कि उनके लिए विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाए ताकि उनका साल बर्बाद न हो। अब सभी की नजरें पूर्णिया विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन अपनी गलती स्वीकार कर छात्रों को राहत देता है या फिर सूचना जारी करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। इस विवाद ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की सूचना प्रणाली और समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

श्याम की रिपोर्ट