कातिबों के विरोध के कारण दस्तावेजों का निबंधन ठप!खगड़िया में निबंधन कार्यालय पर पड़ा असर
पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर स्थानीय कातिबों में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। नई तकनीकी व्यवस्था और कार्यप्रणाली में बदलाव के खिलाफ कातिबों ने असहयोग आंदोलन का रुख किया है,..
Khagaria: जिले में सोमवार से लागू हुई पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को लेकर स्थानीय दस्तावेज लेखकों (कातिबों) में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। नई तकनीकी व्यवस्था और कार्यप्रणाली में बदलाव के खिलाफ कातिबों ने असहयोग आंदोलन का रुख किया है, जिसके चलते पहले ही दिन निबंधन प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित रही।
खगड़िया और गोगरी निबंधन कार्यालयों से जुड़े करीब 100 कातिब कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने नई व्यवस्था के तहत कामकाज में सहयोग नहीं किया।
सामान्य दिनों में खगड़िया और गोगरी में औसतन 55 (लगभग 25-30 खगड़िया में और 25-26 गोगरी में) दस्तावेजों का निबंधन होता है, लेकिन विरोध के कारण पहले दिन नई प्रणाली के तहत एक भी दस्तावेज का निबंधन नहीं हो सका।निबंधन विभाग ने पुरानी व्यवस्था के तहत काम करने वाले कातिबों को नई पेपरलेस प्रणाली में 'सर्विस प्रोवाइडर' के रूप में ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, ई-स्टाम्प और ई-साइन जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं में सहायता करने की जिम्मेदारी दी है। कातिबों का मानना है कि इस बदलाव से उनकी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल हुआ है।
अवर निबंधक पदाधिकारी कौशल कुमार झा के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने से पहले के दो पुराने आवेदनों पर पेपर-बेस्ड प्रक्रिया जारी थी, जिसके कारण सोमवार को नए नियमों के तहत कोई नया निबंधन नहीं हो पाया।इस नई प्रशासनिक व्यवस्था, निबंधन नियमों और जिला प्रशासन से जुड़ी आधिकारिक तथा अद्यतन जानकारियों के लिए आप Bihar Government Portal या संबंधित विभाग की वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।