खनन मंत्री के गृह जिले में ही राजस्व वसूली की चाल सुस्त, लक्ष्य से कोसों दूर विभाग; अब तक मात्र इतने परसेंट हुई वसूली

खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा के गृह जिले लखीसराय में खनन विभाग की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब दो महीने से भी कम का समय शेष है, लेकिन विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है।

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Patna - बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा के गृह जिले लखीसराय में इस वित्तीय वर्ष में खनन राजस्व की वसूली की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिले में राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत माने जाने वाले खनन विभाग ने अब तक अपने वार्षिक लक्ष्य का मात्र 65 प्रतिशत ही हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को 84.69 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन जनवरी 2026 तक केवल 53.50 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। अब दो महीने से भी कम समय शेष रहने के कारण विभाग के लिए शेष 31.19 करोड़ रुपये की वसूली करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। 

अधूरा लक्ष्य और मंत्रियों की साख पर सवाल

स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि लखीसराय के विधायक स्वयं प्रदेश के खनन मंत्री हैं, फिर भी विभाग लक्ष्य हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्तमान में जिले के राजस्व आंकड़ों पर नज़र डालें तो बालू घाटों की बंदोबस्ती से केवल 44 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। इसके अतिरिक्त, दंड स्वरूप 110.01 लाख रुपये और विभिन्न कार्य विभागों से रॉयल्टी व मालिकाना फीस के रूप में 833.32 लाख रुपये ही जमा हो सके हैं। 

बंद पड़े बालू घाट और तकनीकी बाधाएं

राजस्व में आई इस भारी गिरावट का मुख्य कारण जिले के कई बालू घाटों का बंद होना है। जिले में कुल 10 बालू घाटों की पांच वर्षों के लिए बंदोबस्ती की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इनमें से पांच घाटों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इन घाटों के बंद होने का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ा है। हालांकि, विभाग ने इन्हें फिर से चालू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि घाटे की भरपाई की जा सके। 

नीलामी की प्रक्रिया और विभागीय प्रयास

बंद पड़े घाटों को चालू करने के लिए विभाग ने ई-नीलामी का सहारा लिया है। क्लस्टर-दो के तहत ब्लॉक-12 की नीलामी सफल रही है और इसकी खनन योजना भी स्वीकृत हो चुकी है, जिसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। वहीं, ब्लॉक-11 और अन्य चार प्रत्यार्पित बालू घाटों की ई-नीलामी के लिए विभाग ने चौथी बार विज्ञापन निकाला है। इसकी अगली नीलामी प्रक्रिया 9 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। 

अगली रणनीति और वसूली की योजना

जिला खनिज विकास पदाधिकारी ने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़े रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। विभाग सभी कार्य विभागों को पत्र लिखकर खनन मद में कटौती की गई राशि को तुरंत जमा कराने और उसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश देगा। विभाग को भरोसा है कि 9 फरवरी को होने वाली चार बालू घाटों की नीलामी सफल होने के बाद राजस्व वसूली में तेजी आएगी और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लक्ष्य के करीब पहुँचा जा सकेगा।