Bihar News : लखीसराय में पागल कुत्तों का आतंक, जनवरी में 178 लोगों को बनाया शिकार, इलाके में दहशत का माहौल

Bihar News : लखीसराय में पागल कुत्तों का आतंक, जनवरी में 178

LAKHISARAI : बड़हिया और इसके आसपास के इलाकों में पागल कुत्तों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। चालू माह जनवरी में कुत्तों के हमले की घटनाओं ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक नगर परिषद क्षेत्र में 62 और ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में 116 लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। कुल 178 लोग घायल हो चुके हैं, जिसके चलते पूरे इलाके में भारी डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

इन वार्डों में सबसे अधिक खतरा

नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 5, 12, 13 और 14 'हॉटस्पॉट' बन चुके हैं, जहाँ कुत्तों के हमलों की सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। झुंड में घूमने वाले ये खूंखार कुत्ते सड़क से गुजरने वाले राहगीरों पर अचानक हमला कर देते हैं। इन हमलों का सबसे दुखद पहलू यह है कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इन कुत्तों के आसान लक्ष्य बन रहे हैं, जिससे अभिभावक अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी कतरा रहे हैं।

नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल

नियमों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में आवारा और पागल कुत्तों पर नियंत्रण की सीधी जिम्मेदारी नगर परिषद की होती है। इसमें कुत्तों को पकड़ने, उनका उपचार कराने या उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था शामिल है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। नगर परिषद की यह सुस्ती लोगों के गुस्से को और भड़का रही है।

अस्पताल में बढ़ी पीड़ितों की कतार

कुत्तों के काटने से घायल हुए दर्जनों लोग प्रतिदिन इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। चिकित्सा केंद्र पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, लेकिन घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दवाओं और इंजेक्शन की उपलब्धता बनाए रखना भी एक चुनौती साबित हो रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी हमले के बाद तुरंत अस्पताल आएं और प्राथमिक उपचार में देरी न करें।

जल्द कार्रवाई की मांग

बड़हिया के निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। लोग अब इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं और नगर परिषद के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।

कमलेश की रिपोर्ट