Bihar News: सालों से बाधित रास्ता, एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी तो चारपाई पर मरीज को दीवार पार कराया, देखिए सरकार
Bihar News: लखीसराय के विकास और बुनियादी सुविधाओं के तमाम दावों के बीच घोंघी-कोडाशी के ग्रामीण आज भी आवागमन की बदहाल व्यवस्था से जूझने को मजबूर हैं।...
Bihar News: लखीसराय के विकास और बुनियादी सुविधाओं के तमाम दावों के बीच घोंघी-कोडाशी के ग्रामीण आज भी आवागमन की बदहाल व्यवस्था से जूझने को मजबूर हैं। कजरा सोलर पावर प्लांट के समीप घोंघी-कोडाशी जाने वाली सड़क पर दीवार खड़ी होने से रास्ता बाधित है। हालात इतने बदतर हैं कि एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को चारपाई पर लादकर दीवार पार करानी पड़ी।
इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर अब व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। तस्वीर में कई ग्रामीण चारपाई पर लेटे बीमार व्यक्ति को संभालते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग चारपाई को कंधे पर उठाए हुए हैं, जबकि अन्य ग्रामीण दीवार के दूसरी तरफ खड़े होकर मरीज को सुरक्षित पार कराने की मशक्कत कर रहे हैं। यानी मरीज को सीधे वाहन तक ले जाने के बजाय पहले दीवार की बाधा पार कराना जरूरी हो गया।सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी मरीज की हालत नाजुक हो और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़े, तब ऐसी परिस्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी? एंबुलेंस सड़क के उस हिस्से तक नहीं पहुंच सके तो मरीज को इसी तरह उठाकर ले जाने में लगने वाला वक्त उसकी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।
सालों से परेशानी, फिर भी स्थायी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बाधित होने की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सड़क के बीच खड़ी दीवार ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है।इसका असर सिर्फ मरीजों पर नहीं पड़ रहा। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और मजदूर भी रोजाना परेशानी झेल रहे हैं। जरूरी सामान लेकर आना-जाना हो या किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना हो, हर कदम पर जोखिम उठाना पड़ता है।
आपात स्थिति में एंबुलेंस भी बेबस
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का असली महत्व आपात स्थिति में सामने आता है। अगर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाए और मरीज को चारपाई पर उठाकर बाधा पार करनी पड़े, तो इलाज में देरी होना स्वाभाविक है। गंभीर मरीज के मामले में यही देरी जानलेवा साबित हो सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण, बाधित रास्ते को खुलवाने और स्थायी आवागमन व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन विकास के नाम पर ग्रामीणों की आवाजाही और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा को बाधित नहीं किया जा सकता।चारपाई पर मरीज को उठाकर दीवार पार कराने की तस्वीर महज एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि पूरे इलाके की बदहाल व्यवस्था का आईना है। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि प्रशासन इस तस्वीर को गंभीरता से लेता है या फिर अगली आपात स्थिति में भी किसी मरीज को इसी तरह दीवार पार कराने की नौबत आती है।
रिपोर्ट- कमलेश कुमार सिंह