Bihar Mid-Day-Meal : मिड डे मील खाने के बाद 70 से अधिक बच्चे हुए बीमार, खाने में छिपकली गिरने की आशंका, मजा हड़कंप

Bihar Mid-Day-Meal : जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते 70 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए

Bihar Mid-Day-Meal
70 से अधिक बच्चे बीमार - फोटो : social media

Bihar Mid-Day-Meal :  बिहार के मधेपुरा जिले से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मिड-डे मील खाने से 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार हो गए। मामला सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कारू टोला, साहुगढ़ का है। दूषित भोजन में छिपकली गिरने की आशंका जताई जा रही है। जिसके कारण बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी।

मिड-डे मील में परोसा गया खाना 

जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते 70 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल चार एम्बुलेंस स्कूल भेजीं और सभी बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

तीन घंटे तक मचा अफरा-तफरी 

अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से तीन घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी भीड़ लग गई और एक-एक बेड पर दो-तीन बच्चों का इलाज करना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। इलाज के बाद अधिकांश बच्चों की हालत में सुधार हो गया और देर शाम सभी को घर भेज दिया गया। कक्षा आठ की छात्रा सुधा कुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे ICU में भर्ती कराया गया है।

खाने में गिरी छिपकली

स्कूल की प्रधानाध्यापिका नूतन कुमारी ने बताया कि निजी एजेंसी पारस एग्रो द्वारा मिड-डे मील का खाना स्कूल में पहुंचाया गया था। कई बच्चों को खाना खिलाने के बाद भोजन में छिपकली गिरने का पता चला। तब तक कई बच्चों की तबीयत खराब होने लगी थी। घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार और जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम प्रिंस कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि दूषित भोजन के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।

तीन सदस्यीय कमेटी का गठन 

इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है, जिसमें डीपीएम, बीएओ और बीआरसी को शामिल किया गया है। टीम को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद परिजनों में भय और आक्रोश का माहौल देखा गया। बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। जिन बच्चों की तबीयत खराब नहीं हुई थी, उनके परिजन भी एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी बच्चों की जांच कर इलाज किया। अस्पताल में बच्चों के स्वस्थ होने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। लेकिन कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि बच्चों को भोजन परोसने से पहले उसकी ठीक से जांच होनी चाहिए थी। लापरवाही के कारण ही इतनी बड़ी घटना हुई।