PM Awas Yojana scam: मधुबनी प्रधानमंत्री आवास योजना जांच के दौरान हंगामा, आवास सहायकों की पिटाई कर बनाया बंधक

PM Awas Yojana scam: मधुबनी में प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची की जांच के दौरान संतनगर पंचायत में आवास सहायकों की पिटाई और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया।

PM Awas Yojana scam
आवास सहायकों की पिटाई कर बनाया बंधक- फोटो : social media

PM Awas Yojana scam: प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वेक्षण सूची की प्रखंडस्तरीय जांच के दौरान संतनगर पंचायत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जांच के लिए नामित अधिकारी सह आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो और पंचायत में कार्यरत आवास सहायक राजकुमार मुखिया की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, दोनों को करीब एक घंटे तक पंचायत सरकार भवन में बंधक बनाकर रखा गया।

रिश्वत लेने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वेक्षण सूची में नाम बनाए रखने के बदले दोनों आवास सहायकों ने प्रति व्यक्ति एक-एक हजार रुपये की कथित उगाही की थी। इस आरोप से नाराज ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और बीडीओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर भैरवस्थान पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध के बीच दोनों आवास सहायकों को अपनी अभिरक्षा में लेकर थाना लाई। फिलहाल दोनों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।

जांच के दौरान हुई मारपीट

आवास सहायकों के अनुसार, वे बीडीओ के निर्देश पर इमादपट्टी गांव में जांच के लिए गए थे। सूची में जिन लोगों का नाम था, उनके घरों का पता नहीं चल रहा था, इसलिए वे दूसरे आवास सहायक को साथ लेकर गए थे। इसी दौरान संतनगर से दो बाइक पर चार-पांच लोग पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि एक ग्रामीण उनकी बाइक पर बैठ गया और दोनों को जबरन संतनगर पंचायत भवन ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद अन्य ग्रामीणों ने भी मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया।प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में किन-किन लोगों को नामजद किया गया है।

ग्रामीणों का पक्ष

पंचायत भवन पर मौजूद इमादपट्टी के मुकेश मंडल, संतनगर के आनंद चौधरी, शिव कुमार चौधरी, ललिता देवी, मीणा देवी, आरती कुमारी और राकेश चौधरी सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सर्वेक्षण सूची में नाम रहने देने के लिए उनसे एक-एक हजार रुपये लिए गए। उनका कहना है कि पहले सर्वेक्षण से लेकर दो-दो बार जांच के दौरान 500, 700 और 1000 रुपये तक वसूले गए।

आवास सहायक संघ में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही सभी आवास सहायक भैरवस्थान थाना पहुंच गए। अध्यक्ष सुजीत कुमार झा की अध्यक्षता में आपात बैठक कर निर्णय लिया गया कि जब तक सुरक्षा की गारंटी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे काम नहीं करेंगे। हालांकि, इस संबंध में अभी तक बीडीओ को लिखित सूचना नहीं दी गई है।

बीडीओ का बयान

बीडीओ पंकज कुमार दीक्षित भी भैरवस्थान थाना पहुंचे और पीड़ित आवास सहायकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह घटना आपत्तिजनक है। अगर रिश्वत की शिकायत थी तो लिखित आवेदन देना चाहिए था, ताकि जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस बीच, दर्जनों ग्रामीणों ने भी पुलिस को लिखित शिकायत देकर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।