रिश्वतखोर' इंजीनियर का खेल खत्म: ₹3 लाख के भुगतान के बदले मांग रहा था कमीशन, निगरानी ने रंगे हाथ दबोचा
मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड में तैनात कनीय अभियंता (तकनीकी सहायक) हरिशंकर कुमार को ब्यूरो की टीम ने 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए प्रखंड कार्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इंजीनियर एक फर्म के बकाया भुगतान के बदले अवैध राशि की मांग कर रहा था
Madhubani - बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने बुधवार को मधुबनी जिले में एक सफल ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। ब्यूरो ने पंचायती राज विभाग के कनीय अभियंता (तकनीकी सहायक) श्री हरिशंकर कुमार को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कलुआही प्रखण्ड कार्यालय परिसर से की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
यह मामला परिवादी श्री आर्यन काश्यप की शिकायत पर आधारित है, जिनकी फर्म 'काश्यप इन्टरप्राईजेज' ने ग्राम पंचायत पाली मोहन में सेनेटरी वेंडिंग मशीन अधिष्ठापन का कार्य पूर्ण किया था। इस योजना की लगभग 3,00,000 रुपये की राशि के भुगतान करने के एवज में कनीय अभियंता हरिशंकर कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। ब्यूरो द्वारा शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई।
धावादल का गठन और गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार का प्रमाण मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक श्री मो० वसिम फिरोज के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कलुआही प्रखण्ड कार्यालय में जाल बिछाया और जैसे ही अभियंता ने परिवादी से 12,000 रुपये लिए, उन्हें पकड़ लिया गया। ब्यूरो के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की प्रक्रिया जारी है और इसके बाद अभियुक्त को विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।
वर्ष 2026 के आंकड़े
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह वर्ष 2026 की 18वीं प्राथमिकी है। इसमें अब तक 16 ट्रैप कांड दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 12 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस साल अब तक रिश्वत की कुल बरामद राशि 7,27,000 रुपये तक पहुँच गई है।
भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए अपील
निगरानी ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक या सरकारी पदाधिकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। विभाग ने शिकायत के लिए लैंडलाइन (0612-2215030), हेल्पलाइन (0612-2215344), और व्हाट्सएप नंबर (9473494167) जारी किए हैं, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
Report - anil kumar