Bihar News: करोड़ों के बकायेदारों पर प्रशासन का शिकंजा, 150 चिमनी संचालकों पर बड़ा एक्शन, गिरफ्तारी वारंट जारी

Bihar News: जिला नीलाम कार्यालय ने 150 से अधिक डिफॉल्टर चिमनी संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जप्ती वारंट जारी कर संबंधित थानों को भेज दिया है।...

 Arrest Warrants Issued Against 150 Brick Kiln Defaulters
कुर्की-जप्ती के आदेश से हड़कंप- फोटो : reporter

Bihar News:  जिला नीलाम कार्यालय ने 150 से अधिक डिफॉल्टर चिमनी संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जप्ती वारंट जारी कर संबंधित थानों को भेज दिया है। बिहार के मोतिहारी जिले में वर्षों से सरकारी राजस्व जमा नहीं करने वाले चिमनी संचालकों और बड़े बकायेदारों पर प्रशासन ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला नीलाम कार्यालय ने 150 से अधिक डिफॉल्टर चिमनी संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जप्ती वारंट जारी कर संबंधित थानों को भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार हरसिद्धि, संग्रामपुर और पहाड़पुर इलाके के कई ईंट-भट्ठा संचालकों ने करोड़ों रुपये का सरकारी बकाया वर्षों से जमा नहीं किया था। प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।

जिला नीलाम पदाधिकारी सह जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र के 66, संग्रामपुर के 50 और पहाड़पुर के 30 चिमनी संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। संबंधित थानों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है।

प्रशासन की इस सख्ती के बाद डिफॉल्टरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की राशि दबाकर बैठे लोगों के खिलाफ अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।नीलाम पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है, वे चाहें तो किश्तों में भुगतान के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने अधिवक्ता के माध्यम से शपथ पत्र के साथ आवेदन देना होगा। वहीं जिन लोगों के खिलाफ अभी वारंट जारी नहीं हुआ है, वे भी स्वयं उपस्थित होकर किस्तवार भुगतान की अनुमति मांग सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि जमा नहीं की गई तो Bihar Public Demand Recovery Act के तहत गिरफ्तारी, कुर्की-जप्ती और जमीन नीलामी जैसी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद प्रशासन बड़े बकायेदारों के खिलाफ इतने कड़े कदम उठा रहा है, जिससे अन्य डिफॉल्टरों में भी डर का माहौल है।

रिपोर्ट-हिमांशु कुमार