गंडक किनारे दहशत की रात, गांव में घुसा मगरमच्छ, भैंस पर किया हमला, ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर रस्सी से बांधा, सूचना के बाद 8 घंटे में पहुंची वन विभाग की टीम
Bihar News: पूर्वी चंपारण के मलाही थाना क्षेत्र में रविवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गंडक नदी से निकलकर एक विशाल मगरमच्छ गांव में घुस आया। ....
Bihar News: पूर्वी चंपारण के मलाही थाना क्षेत्र में रविवार देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गंडक नदी से निकलकर एक विशाल मगरमच्छ गांव में घुस आया। शिकार की तलाश में पहुंचे मगरमच्छ ने एक भैंस पर हमला कर दिया, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। हालांकि, ग्रामीणों ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए मगरमच्छ को काबू कर लिया और रस्सी से बांध दिया।यह घटना मलाही थाना क्षेत्र की चटिया बड़हरवा पंचायत के वार्ड संख्या-03 की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात मगरमच्छ गांव में घुसकर एक भैंस को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहा था। भैंस की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाते हुए मगरमच्छ को घेर लिया।
बताया जाता है कि ग्रामीणों ने कुत्तों की मदद से मगरमच्छ को चारों ओर से घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद उसे रस्सियों से बांध दिया गया, ताकि वह किसी व्यक्ति या मवेशी पर दोबारा हमला न कर सके। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मगरमच्छ को काबू किया।
घटना के बाद पंचायत के मुखिया समेत कई ग्रामीणों ने रातभर वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि बार-बार फोन करने के बावजूद किसी अधिकारी ने कॉल रिसीव करना उचित नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।ग्रामीणों का कहना है कि यदि मगरमच्छ को समय रहते नहीं पकड़ा जाता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। रातभर गांव के लोग दहशत के साये में जागते रहे।
आखिरकार अरेराज के अंचलाधिकारी (सीओ) की सूचना पर वन विभाग की टीम करीब आठ घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक मगरमच्छ ग्रामीणों के कब्जे में रस्सियों से बंधा हुआ था।वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से ग्रामीणों से मुक्त कराया और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
गंडक नदी के जलस्तर में बदलाव के दौरान अक्सर जंगली जीव आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। मगरमच्छ के गांव में घुसने की इस घटना के बाद चटिया बड़हरवा पंचायत समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गंडक तटवर्ती इलाकों में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, वन विभाग की देर से पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार