Motihari Fake Note Gang Busted: नोट डबल' करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, बर्खास्त BMP जवान समेत 9 गिरफ्तार, जाली नोट व हथियार बरामद
मोतिहारी पुलिस ने 'नोट डबल' करने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बर्खास्त बीएमपी जवान और होमगार्ड जवानों समेत 9 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। मौके से ₹4 लाख के 'चिल्ड्रेन बैंक' के नकली नोट, कट्टा, कारतूस और पुलिस वर्दियां जब्त की गई
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) पुलिस ने पैसों को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े और शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में गिरोह के कुल नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में बिहार पुलिस का एक बर्खास्त बीएमपी (BMP) जवान और दो बर्खास्त होमगार्ड जवान भी शामिल हैं, जो इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट को संचालित करने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
भारी मात्रा में नकली नोट, हथियार और पुलिस वर्दियां बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की है। बरामद सामानों में लगभग ₹4 लाख मूल्य के 'चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया' लिखे हुए जाली नोट, ₹34 हजार मूल्य की असली भारतीय करेंसी, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और पुलिस की कई आधिकारिक वर्दियां शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने ठगी के खेल में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य कई डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं।

'चिल्ड्रेन बैंक' के नोटों से ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
मामले की जानकारी देते हुए सदर एसडीपीओ जितेश पांडे ने बताया कि यह गिरोह आम लोगों को कम समय में पैसे डबल करने का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती दौर में 'चिल्ड्रेन बैंक' लिखे नकली नोटों की गड्डियों का इस्तेमाल गड्डी के बीच में रखकर किया जाता था। जैसे ही पीड़ित झांसे में आकर असली रकम सौंपता था, गिरोह के सदस्य फर्जी पुलिस बनकर या डरा-धमकाकर पूरी रकम हड़प लेते थे।
एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम की सर्जिकल स्ट्राइक
पुलिस को इस गिरोह के ठिकानों और गतिविधियों को लेकर काफी समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर एसडीपीओ जितेश पांडे के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से चिह्नित ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर इस नेटवर्क की घेराबंदी की और सभी 9 आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
भोजपुर और पूर्वी चंपारण से जुड़े हैं गिरोह के तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों में से दो मुख्य आरोपी भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। वहीं, अन्य सात आरोपी पूर्वी चंपारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित बंसमन गांव के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी में मिली पुलिस की वर्दियों और अवैध हथियारों का उपयोग शिकार को डराने, नकली रेड का नाटक करने और खुद को असली पुलिस अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था।
पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल मोतिहारी पुलिस गिरफ्तार सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि इस गिरोह ने अब तक कितने निर्दोष लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और इनका नेटवर्क बिहार के किन-किन जिलों में फैला हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है।
मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट