वाह रे स्वास्थ्य व्यवस्था! फ्रैक्चर वाले हाथ पर कार्टून का प्लास्टर , जांच पर टिकी नजर

Bihar Health: पूर्वी चंपारण के मोतीहारी से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक वीडियो सामने आया है। ...

Motihari Hospital Faces Heat Over Cardboard Plaster Video
फ्रैक्चर वाले हाथ पर कार्टून का प्लास्टर- फोटो : reporter

Bihar Health: पूर्वी चंपारण के मोतीहारी से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मारपीट में घायल एक महिला के टूटे हाथ पर प्लास्टर के लिए कार्टून का टुकड़ा लगाया गया और उसके ऊपर बैंडेज कर दिया गया। मामला संग्रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यानी पीएचसी का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं और तंज देखने को मिल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि संग्रामपुर के पासवान टोला में जमीन के विवाद को लेकर रमेश पासवान और उनकी पत्नी कुंती देवी के साथ मारपीट हुई। घटना में रमेश पासवान की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी कुंती देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। आरोप है कि महिला के हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान कथित तौर पर कार्टून के टुकड़े को सहारे के तौर पर इस्तेमाल कर बैंडेज कर दिया गया।घटना के बाद महिला की हालत गंभीर होने पर उसे मोतीहारी सदर अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों और महिला के मुताबिक, वहां भी हाथ से कार्टून हटाकर उचित उपचार करने के बजाय उसके ऊपर ही बैंडेज कर दिया गया। यही दावा अब वायरल वीडियो के जरिए सामने आने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है।

मारपीट में पति की मौत, पत्नी घायल

पीड़ित महिला कुंती देवी के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर उनके साथ और उनके पति के साथ मारपीट की गई थी। इस घटना में उनके पति की मौत हो गई, जबकि उनके हाथ में गंभीर चोट आई और सिर पर भी जख्म हुआ। महिला का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें अपेक्षित चिकित्सा सुविधा नहीं मिली और टूटे हाथ को कार्टून लगाकर बांध दिया गया।वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कथित चिकित्सा प्रक्रिया ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराने का दावा करती है। ऐसे में अगर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी चिकित्सा व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल होगा।मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि घायल महिला पहले ही अपने पति को खो चुकी है और खुद भी गंभीर चोट से जूझ रही है। ऐसे में उसके इलाज में कथित लापरवाही का आरोप व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। यह देखना अहम होगा कि वायरल वीडियो और पीड़िता के आरोपों की जांच होती है या नहीं और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित चिकित्साकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार