Bihar News : मोतिहारी पुलिस ने फर्जी चेसिस नंबर पंच कर बाइक बेचने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 28 मोटरसाइकिल किया बरामद, 12 आरोपियों को किया गिरफ्तार
Bihar News : मोतिहारी जिले की पुलिस ने फर्जी चेसिस और ईंजन नंबर पंच कर चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने वाले एक बड़े संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है........पढ़िए आगे
MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले की पुलिस ने फर्जी चेसिस और ईंजन नंबर पंच कर चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने वाले एक बड़े संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सिकरहना डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में चिरैया और शिकारगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह से जुड़े 12 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की कुल 28 मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।
पुलिस की पड़ताल में गिरोह के काम करने के बेहद शातिर तरीके का खुलासा हुआ है। यह गिरोह शहरों से दोपहिया वाहनों की चोरी करने के बाद उनके असली ईंजन और चेसिस नंबर को मिटाकर उस पर दूसरा नंबर पंच कर देता था। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कागजात गुम होने का बहाना बनाते हुए गाड़ियों को 25,000 से 30,000 रुपये में सीधे खरीदारों या बिचौलियों के माध्यम से बेच दिया जाता था।
सिकरहना डीएसपी ने बताया कि चिरैया थाना क्षेत्र में फर्जी कागजात व फर्जी पंचिंग वाली बाइक के क्रय-विक्रय की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बनाई गई विशेष टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर गिरोह के 8 मुख्य सदस्यों—संदीप कुमार, कृष्णनंदन साह, राहुल कुमार, जसमुद्दीन, रामविनय कुमार, मो. समसेर आलम, शमसुद्दीन देवान और रमेश साह को गिरफ्तार किया। इनके पास से केवल चिरैया क्षेत्र से ही 21 बाइकें जब्त की गईं।
इसके अलावा शिकारगंज पुलिस ने भी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को दबोचकर कुल 28 मोटरसाइकिलों की बरामदगी सुनिश्चित की। इस संगठित गिरोह में शामिल आरोपी, बिचौलिए और फर्जी कागजात तैयार करने वाले अन्य संदिग्धों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिनकी तलाश में पुलिस की सघन छापेमारी जारी है। मोतिहारी पुलिस ने संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ अग्रतर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की इस बड़ी सफलता से जिले में सक्रिय वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बिना सही कागजात की जांच किए सस्ती दरों पर गाड़ियां न खरीदें।
हिमांशु की रिपोर्ट