भक्ति के महाकुंभ में भारी बवाल! अनिरुद्धाचार्य की कथा में 'VIP' प्रेम ने भक्तों को रौंदा, रेलिंग टूटी, बच्चे बिछड़े; पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग

रक्सौल में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को मौत का मंजर सामने आते-आते बचा। आयोजन समिति की लापरवाही और चंदे के बाद 'वीआईपी' व्यवस्था ने हजारों लोगों की जान जोखिम में डाल दी। रेलिंग टूटी, लोग बेहोश हुए और मासूम बच्चे बिछड़ गए।

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Motihari - मोतिहारी के रक्सौल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को भारी अव्यवस्था के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में चल रहे इस महायज्ञ में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के पहुँचते ही हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु एक साथ पंडाल की ओर दौड़ पड़े। आयोजन समिति द्वारा भीड़ प्रबंधन की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं होने के कारण मौके पर भीषण अफरातफरी मच गई।

कुछ समय के लिए बाधित रहा कार्यक्रम

श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने से कथा स्थल का मुख्य द्वार भीड़ का दबाव नहीं झेल सका और उसकी रेलिंग टूट गई। इस दौरान मची भगदड़ जैसी स्थिति में कई श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण दो महिलाएं मौके पर ही बेहोश हो गईं, जिन्हें आनन-फानन में प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति इतनी अनियंत्रित थी कि कुछ समय के लिए कार्यक्रम पूरी तरह बाधित रहा। 

अपनों से बिछड़े मासूम

पंडाल में मची अफरातफरी के बीच सबसे दुखद स्थिति उन मासूम बच्चों की रही जो अपने परिजनों से बिछड़ गए। कथा स्थल पर किसी हेल्प डेस्क या पूछताछ काउंटर की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशान परिजन अपने बच्चों को ढूँढने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन में न्यूनतम सहायता केंद्र तक की व्यवस्था नहीं की गई। 

VIP लोगों की व्यवस्था में बिगड़ा माहौल

कथा के दौरान की गई विशेष 'वीआईपी' व्यवस्था ने आम श्रद्धालुओं के गुस्से को और भड़का दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि चंदा पूरे बाजार और गाँवों से वसूला गया, लेकिन पंडाल में केवल मोटी रकम देने वालों के लिए ही अलग और बेहतर व्यवस्था की गई। आम भक्तों ने आरोप लगाया कि वीआईपी लोगों को दी जा रही प्राथमिकता के कारण ही बार-बार व्यवस्था बिगड़ रही है और आम श्रद्धालुओं को धक्के खाने पड़ रहे हैं। 

पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग

बढ़ते बवाल और बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने लाठी के सहारे भीड़ को पीछे धकेला, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति शांत हुई। हालांकि, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने लाठीचार्ज की बात से इनकार करते हुए कहा कि केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। 

प्रशासन की सख्त चेतावनी

अव्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने आयोजन समिति को फटकार लगाई है। उन्होंने समिति को रात भर में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। वहीं, आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और न ही मीडिया के सवालों का जवाब दिया है।