तीसरी सोमवारी व नागपंचमी के संयोग पर सोमेश्वरनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब, इतिहास में पहली बार आकाशीय मार्ग से हुई पुष्पवर्षा

तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर पूर्वी चंपारण के प्रसिद्ध पंचमुखी सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।सोमेश्वरनाथ धाम के इतिहास में पहली बार पर्यटन विभाग के हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई...

तीसरी सोमवारी व नागपंचमी के संयोग पर सोमेश्वरनाथ धाम में उमड
सोमेश्वरनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब- फोटो : हिमांशु

Motihari : पूर्वी चंपारण के प्रसिद्ध पंचमुखी सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अर्धरात्रि से ही हजारों भक्त जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध हो गए। भीड़ की अत्यधिक संख्या को देखते हुए दंडाधिकारी की मौजूदगी में प्रथम पूजा के बाद रात 1 बजे ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष के साथ अरघा के माध्यम से जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।


इतिहास में पहली बार आकाशीय मार्ग से पुष्पवर्षा 

सोमेश्वरनाथ धाम के इतिहास में पहली बार पर्यटन विभाग के हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। जैसे ही हेलीकॉप्टर शिवनगरी के ऊपर मंडराया, पूरा परिसर गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। मंदिर परिसर और कांवरिया पथ पर बरसाई गई गुलाब की पंखुड़ियों से समूचा क्षेत्र सुगंधित हो उठा। आकाशीय मार्ग से फूलों की बारिश का यह अद्भुत और अविस्मरणीय नज़ारा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।


सीसीटीवी से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त

मेला क्षेत्र और गर्भगृह में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी (तीसरी आँख) के जरिए पूरे परिसर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। हालांकि, पुष्प वर्षा के समय एक अप्रत्याशित घटना में लाइट की पाइप गिरने से तीन श्रद्धालु आंशिक रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।


पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमानड्रॉप गेट पर तैनात रहे सुरक्षा बल 

मेला परिसर में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने सभी चिन्हित स्थलों व ड्रॉप गेटों पर मुस्तैदी से कमान संभाले रखी। सुबह के समय कुछ चिन्हित प्वाइंट्स पर दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण वाहनों का प्रवेश हुआ, लेकिन पुलिस बल की सक्रियता से यातायात और श्रद्धालुओं की भीड़ को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।


हिमांशु की रिपोर्ट