शॉट सर्किट से लगी आग में 2 बच्चा सहित तीन की जलने से हुई थी मौत, डीएम ने 4-4 लाख मुआवजा देने का दिया निर्देश
Motihari : जिला के ढाका अनुमंडल अंतर्गत बड़हरवा फतेहपुर गांव में बीती रात भीषण अग्निकांड की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रात लगभग 1 बजे एक घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही ढाका अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग की दो टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी तबाही मच चुकी थी।
इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई है। मृतकों में राजकुमार साह का 8 वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार और 12 वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी शामिल हैं, जो ढाका अंचल के निवासी थे। वहीं, घोड़ासहन निवासी शिवनाथ सिंह के 28 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार की भी इस आग की चपेट में आने से जान चली गई। गृहस्वामी राजकुमार साह इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया और इस दुखद घड़ी में जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने अपनी उपस्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के प्रावधानों के तहत मृतकों के निकटतम आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी है।
प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्यों को तेज करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अग्निकांड में हुए गृह क्षति का आकलन कर पीड़ित परिवार को अविलंब सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संकट के इस समय में जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उनकी हर जरूरत का ध्यान रखा जा रहा है।
इस दुखद घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन, पूर्वी चम्पारण ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए लोग आंधी-तूफान, वज्रपात, वर्षा और लू आदि को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पूरी तरह पालन करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है ताकि समय रहते जान-माल की रक्षा की जा सके।
हिमांशु की रिपोर्ट