Virat Ramayana Temple: विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की दिव्य प्रतिष्ठा शुरु , वाराणसी-अयोध्या के पंडित कर रहे हैं पूजा, सीएम नीतीश होंगे शामिल

Virat Ramayana Temple:बिहार की पावन धरती पर आज आस्था, भक्ति और अध्यात्म का महासंगम हो रहा है।...

World s Largest Shivling Consecration Today
विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की दिव्य प्रतिष्ठा- फोटो : reporter

Virat Ramayana Temple:बिहार की पावन धरती पर आज आस्था, भक्ति और अध्यात्म का महासंगम हो रहा है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में शनिवार को विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना का कार्यक्र शुरु हो गया है। इस दिव्य अवसर को लेकर मंदिर परिसर से लेकर प्रशासनिक अमला तक पूरी तरह मुस्तैद है। हर ओर “हर-हर महादेव” की गूंज और शिवभक्ति का नूर यादगार बना रहा है।

शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उपस्थित रहेंगे। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी दर्शन-पूजन में शामिल होंगे। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कई मंत्री, सांसद और विधायक भी इस आध्यात्मिक महायज्ञ के साक्षी बनेंगे। सुबह 8:30 से 10 बजे तक वाराणसी और अयोध्या से आए विद्वान पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करेंगे। गंगा समेत आठ पवित्र नदियों के जल से जलाभिषेक होगा, जिससे पूरा परिसर शिवमय हो उठा है।

पूजन के बाद सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। गुलाब, गेंदा और गुलदाउदी से सजे ट्रक पहले ही मंदिर पहुंच चुके हैं। शिवलिंग पर अर्पण के लिए 18 फीट लंबी विशेष माला तैयार की गई है, जिसमें फूलों के साथ भांग, धतूरा और बेलपत्र शामिल हैं, जो भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं।

शिवलिंग की स्थापना कोई साधारण कार्य नहीं है। राजस्थान और भोपाल से मंगाई गई 750 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेनों की मदद से इसे स्थापित किया जाएगा। इसकी तकनीकी निगरानी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज कर रही है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कड़े इंतजाम किए हैं। भारी वाहनों पर रोक, ट्रैफिक डायवर्जन और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

17 जनवरी, माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि को शिवलिंग की प्रतिष्ठा हो रही है, जिसे शिवरात्रि के समान पुण्यकारी माना जाता है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम में निर्मित 33 फीट ऊंचा, 210 मीट्रिक टन वजनी यह शिवलिंग भूकंपरोधी है और सदियों तक अडिग रहने का प्रतीक है। आज मोतिहारी की धरती पर महादेव स्वयं विराजमान होंगे और श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बरसाएंगे।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार