सड़कों पर उतरी मुजफ्फरपुर पुलिस, अपराधियों पर कसा शिकंजा, चप्पे-चप्पे पर वाहन जांच, लफंगों और छिनैतों की बढ़ी मुश्किलें

Muzaffarpur Police: वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिलेभर में एक साथ सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

Muzaffarpur Police Launch Night Crackdown Tighten Security
लफंगों और छिनैतों की बढ़ी मुश्किलें- फोटो : reporter

Muzaffarpur Police: बिहार के मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही आपराधिक वारदातों के बीच पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए रात के अंधेरे में बड़ा अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिलेभर में एक साथ सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। देर रात तक सड़कों पर दौड़ रहे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बारीकी से तलाशी ली गई, ताकि अपराधियों, शराब तस्करों और छिनैत गिरोहों पर शिकंजा कसा जा सके।

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस टीमों ने बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की। वाहन चालकों के दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों की भी तलाशी ली गई। हालांकि इस अभियान के दौरान पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामान या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान अपराध पर नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी हैं।

दरअसल, हाल के दिनों में जिले में हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एक ओर जेल से बाहर आने वाले अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, तो दूसरी ओर फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि रात में नियमित वाहन जांच से अपराधियों की आवाजाही पर लगाम लगेगी और वारदातों में कमी आएगी।

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी थानाध्यक्षों को अलग-अलग समय पर अपने-अपने क्षेत्र में वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराध, शराब तस्करी, छिनतई और सड़क पर होने वाली अन्य वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आम लोगों में सुरक्षा का एहसास पैदा करने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इससे अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में भरोसा कायम रहेगा।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा