बिहार पुलिस मुख्यालय का कड़ा एक्शन: मुजफ्फरपुर से हटाए गए कन्हैया कुमार 'कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी न देने' का सख्त निर्देश"
बिहार पुलिस मुख्यालय ने मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (परिचारी) कन्हैया कुमार का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से शिवहर जिला बल में कर दिया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने मुजफ्फरपुर जिला बल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (परिचारी) कन्हैया कुमार का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से शिवहर जिला बल में कर दिया है। 25 फरवरी 2026 को जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से मुजफ्फरपुर से हटाकर नयी जिम्मेदारी के लिए शिवहर भेजा गया है। पुलिस विभाग में 'प्रशासनिक दृष्टिकोण' से किए गए ऐसे तबादलों को आमतौर पर कार्यप्रणाली में किसी गंभीर सुधार या अनुशासनात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है।
आदेश में 'कोई महत्वपूर्ण दायित्व न देने' का विशेष निर्देश
इस स्थानांतरण आदेश की सबसे उल्लेखनीय और दुर्लभ बात इसमें शामिल विशेष निर्देश है। पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिया गया है कि कन्हैया कुमार को शिवहर जिला बल में पदस्थापना के दौरान "कोई महत्वपूर्ण दायित्व न दी जाय"। पुलिस महकमे के जानकारों और रिपोर्टिंग के अनुसार, किसी तबादले के आदेश में इस तरह की स्पष्ट चेतावनी लिखित रूप में देना एक असामान्य घटना है, जो इस स्थानांतरण की गंभीरता को और बढ़ा देती है।
तत्काल कार्यमुक्त करने और चर्चा का केंद्र
मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे उक्त सार्जेंट को अविलंब शिवहर के लिए विरमित (Relieve) करें और उनका अंतिम वेतन प्रमाण-पत्र निर्गत करना सुनिश्चित करें। इस कड़े और स्पष्ट आदेश के बाद कन्हैया कुमार पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। उनके कार्य व्यवहार और मुजफ्फरपुर में उनके कार्यकाल के दौरान हुई संभावित गड़बड़ियों को लेकर विभाग के भीतर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस विभाग की सख्त कार्यशैली का संकेत
यह तबादला आदेश बिहार पुलिस की बदलती और सख्त कार्यशैली की ओर इशारा करता है, जहाँ अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। ऐसे समय में जब राज्य में महत्वपूर्ण पर्व और वीआईपी कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है, मुख्यालय द्वारा एक अवर निरीक्षक के अधिकारों को सीमित करते हुए तबादला करना यह संदेश देता है कि प्रशासनिक खामियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्तमान में पुलिस मुख्यालय की पैनी नजर ऐसे अधिकारियों पर है जिनके विरुद्ध प्रशासनिक शिकायतें मिल रही हैं।