Bihar News : मुजफ्फरपुर में हेडमास्टर की कुर्सी का विवाद बना 'जातिवाद' का मुद्दा, जांच के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित

Bihar News : मुजफ्फरपुर में प्रभारी प्रधानाध्यापक के कुर्सी की लड़ाई में एक वीडियो को वायरल कर उसको जातिवाद का रंग दे दिया गया. इस मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में हेडमास्टर की कुर्सी का विवाद बना
कुर्सी की लड़ाई - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर जिले में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक सुर्खियों में आ गया। राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यालय की कुर्सी के कथित शुद्धिकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और इसे जातिवादी रंग दे दिया गया। इस घटनाक्रम से शिक्षा जगत शर्मसार हुआ, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्रभार हस्तांतरण को लेकर 17 साल पुराने शिक्षक और विभाग के बीच खींचतान

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निलंबित शिक्षक ज्ञान प्रकाश पिछले 17 वर्षों से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं और अप्रैल 2025 में उन्हें स्कूल का प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया था। हालांकि, 25 मार्च 2026 को डीपीओ द्वारा विद्यालय के ही अन्य शिक्षक सुशील कुमार चौधरी को नया प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाने का पत्र जारी किया गया। 28 मार्च 2026 को जब प्रभार मांगा गया, तो ज्ञान प्रकाश ने इस आदेश के खिलाफ रिव्यू अर्जी दाखिल की। यह मामला विभागीय अधिकारियों से होते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तक पहुंचा, जिन्होंने 2 नवंबर 2026 को ज्ञान प्रकाश को पुनः प्रभारी प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्त कर दिया।

मरे हुए गिरगिट की सफाई और पूजा का वीडियो बनाकर किया गया वायरल

घटना वाले दिन यानी 3 नवंबर 2026 को ज्ञान प्रकाश जब अपने कार्यालय पहुंचे, तो उनकी कुर्सी पर एक मरा हुआ गिरगिट पड़ा था। उन्होंने स्कूल के नाइट गार्ड से कुर्सी साफ करवाई और रोजाना पूजा-पाठ की अपनी दिनचर्या के तहत पानी छिड़का। आरोप है कि किसी ने इस पूरी घटना का गलत संदर्भ में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया और इसे कथित तौर पर कुर्सी के 'जातीय शुद्धिकरण' का रूप देकर प्रचारित कर दिया।

जिला शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई: अनुशासनहीनता और लापरवाही में गाज

मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद सिन्हा ने तुरंत संज्ञान लिया। डीईओ ने स्पष्ट किया कि हेडमास्टर ज्ञान प्रकाश को अनुशासनहीनता और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। शुरुआती दौर में इस विवाद को पूरी तरह से जातिवादी रंग दिया गया था, लेकिन बाद में सामने आई परत-दर-परत सच्चाई से पता चला कि विवाद की मुख्य जड़ दो शिक्षकों के बीच प्रभार को लेकर चल रही लंबी खींचतान थी। फिलहाल शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पुष्टि हो सके।

मणिभूषण की रिपोर्ट