Bihar News : एलएनएम कॉलेज मुजफ्फरपुर में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार कल से, कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय होंगे मुख्य अतिथि

Bihar News : मुजफ्फरपुर स्थित ललित नारायण मिश्र कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (LNMCBM) में 5 और 6 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है.....पढ़िए आगे

Bihar News : एलएनएम कॉलेज मुजफ्फरपुर में 'भारतीय ज्ञान परंपर
सेमिनार कल से - फोटो : SOCIAL MEDIA

MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर स्थित ललित नारायण मिश्र कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (LNMCBM) में 5 और 6 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा संपोषित इस सेमिनार का मुख्य विषय "Role and Relevance of Bhartiya Gyan Parampara in Vishal Bharat" (विशाल भारत में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका और प्रासंगिकता) रखा गया है।  विशाल भारत के निर्माण में ज्ञान परंपरा की भूमिका

महाविद्यालय के कुलसचिव कुमार शरतेंदु शेखर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 'विशाल भारत' केवल आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य नहीं है, बल्कि समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, आत्मनिर्भर और ज्ञान-आधारित राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारतीय दर्शन, शिक्षा, प्रबंधन, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है।  अकादमिक दिग्गजों और विशेषज्ञों का होगा जमावड़ा

इस सेमिनार में बी. आर. अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश चंद्र राय मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उद्घाटन सत्र में नालंदा विश्वविद्यालय के सह-प्राध्यापक प्रो. राजेश्वर कुमार 'की-नोट स्पीकर' होंगे। वहीं, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के मीडिया स्टडीज विभाग के प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार भगत प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता होंगे।   शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर

इसके अलावा विभिन्न सत्रों में डॉ. अभिषेक पांडे, डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव, डॉ. पाथलाथ ओमकार, प्रो. रंजन कुमार बहेड़ा, डॉ. राम नाथ झा और डॉ. वर्णिका शर्मा अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों को इस सेमिनार में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा के समकालीन महत्व को समझने और शोध को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।