Bihar News : नालंदा में प्रवीण हत्याकांड को लेकर कोर्ट ने सुनाई सजा, पूर्व लोजपा प्रत्याशी समेत छह को मिला उम्रकैद, 50-50 हज़ार का लगा जुर्माना

Bihar News : नालंदा में प्रवीण हत्याकांड को लेकर कोर्ट ने 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीँ 50-50 हज़ार रूपये का जुर्माना भी लगाया है......पढ़िए आगे

Bihar News : नालंदा में प्रवीण हत्याकांड को लेकर कोर्ट ने सु
कोर्ट ने सुनाई सजा - फोटो : RAJ

NALANDA : जिले के झींगनगर मोहल्ला में जमीन विवाद को लेकर हुए हत्या के मामले में अदालत ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। वर्ष 2021 में निजी जमीन पर जबरन मंदिर निर्माण को लेकर हुए विवाद में प्रवीण कृष्ण की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने छह लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में लोजपा के पूर्व प्रत्याशी छोटेलाल यादव भी शामिल हैं, जिन्होंने 2015 में अस्थावां विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अगर वे जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही हत्या के अलावा अन्य धाराओं में भी उन्हें क्रमश: पांच साल और दो साल की कठोर सजा सुनाई गई है, जिन पर 5000 और 2000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।

सरकारी अभियोजक एसएम असलम ने जानकारी दी कि यह घटना 20 अगस्त 2021 की है। मृतक प्रवीण कृष्ण के तीन भाई हैं, जो सभी नौकरी के सिलसिले में जिले से बाहर रहते थे। उसी दौरान गांव में उनकी निजी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा बिना अनुमति मंदिर निर्माण शुरू करवा दिया गया। जब यह जानकारी प्रवीण को मिली, तो वह अपने भाइयों के साथ गांव लौटे और निर्माण रुकवा दिया।

इसी बीच, उसी दिन दोपहर करीब 12:30 बजे गांव में एक जेसीबी मशीन आते देख मामला और बिगड़ गया। आरोपियों ने 15-20 लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों से लैस होकर प्रवीण पर हमला कर दिया। जब उनके भाई उन्हें बचाने आए, तो उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया। गंभीर रूप से घायल प्रवीण को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड में आरोपी छोटेलाल यादव, भूषण यादव, लाला यादव, वीरमणि यादव, पप्पू कुमार और मनोज कुमार को दोषी ठहराया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों की गवाही कराई गई, जिनके बयान और साक्ष्य अदालत में निर्णायक साबित हुए। अदालत के इस फैसले से मृतक परिवार को न्याय मिला है।

नालंदा से राज की रिपोर्ट