नवादा में मौर्य प्रतिभा खोज परीक्षा के 380 चयनित विद्यार्थियों का सम्मान, सांसद अभय कुशवाहा ने मेधावियों को किया पुरस्कृत
Nawada : जिले के गोनावां में अखिल भारतीय मौर्य शिक्षक-सह-शिक्षा मंच, जिला इकाई नवादा के तत्वावधान में मौर्य प्रतिभा खोज प्रतियोगिता परीक्षा के पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिनके हाथों परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 380 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
सभी 14 प्रखंडों की 182 पंचायतों से करीब 1500 विद्यार्थियों ने लिया था हिस्सा
आयोजकों के अनुसार, इस प्रतियोगिता परीक्षा में नवादा जिले के सभी 14 प्रखंडों की 182 पंचायतों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। कुल 1500 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिनमें से बेहतर प्रदर्शन करने वाले 380 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन पुरस्कार के लिए किया गया। सम्मानित होने वाले बच्चों में छात्राओं की संख्या भी काफी बड़ी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं को उचित मंच और प्रोत्साहन देने का प्रयास
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता सिर्फ उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है और उन्हें जीवन में आगे बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।
सांसद अभय कुशवाहा बोले—ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं के लिए बनते हैं बड़ी प्रेरणा
समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि जिलेभर में आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 1500 बच्चों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 380 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह आने वाले समय में बच्चों और बच्चियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा का काम करेंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में लगातार मेहनत कर क्षेत्र और बिहार का नाम रोशन करने का संदेश
सांसद ने कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा और हुनर को सामने लाना है ताकि वे अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम के दौरान मंच से विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कड़ी मेहनत करने और अपने गांव, क्षेत्र तथा पूरे बिहार का नाम रोशन करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया।