Bihar News : नवादा में झोलाछाप डॉक्टर ने ली 5 साल के मासूम की जान, इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी तबीयत, आरोपी दुकान बंद कर हुआ फरार
Bihar News : नवादा जिले के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के पूर्वी पनडुब्बी गांव में एक कथित मेडिकल दुकान संचालक के इलाज से 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी संचालक फरार हो गया....पढ़िए आगे
NAWADA : बिहार के नवादा जिले के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी पनडुब्बी गांव से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक कथित मेडिकल दुकान संचालक के गलत इलाज से 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी संचालक अपनी दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेट दर्द की शिकायत पर दवा दिलाने ले गए थे परिजन
मृतक मासूम की पहचान पूर्वी पनडुब्बी गांव निवासी शंकर चौहान के 5 वर्षीय पुत्र समीर कुमार के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, समीर को अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसके पिता शंकर चौहान उसे इलाज और दवा दिलाने के लिए गांव में ही स्थित एक मेडिकल दुकान पर ले गए थे।
इंजेक्शन लगते ही तड़पने लगा बच्चा, शरीर पड़ा ठंडा
मृतक के पिता शंकर चौहान ने आरोप लगाया है कि उक्त दुकान संचालक के पास कोई मान्य डॉक्टरी या चिकित्सा डिग्री नहीं है। वह अवैध रूप से दुकान चलाकर लोगों का इलाज करता है और इंजेक्शन भी लगाता है। आरोप है कि संचालक ने बच्चे को पेट दर्द की दवा देने के साथ-साथ एक इंजेक्शन भी लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही समीर की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, वह दर्द से चिल्लाने लगा और कुछ ही देर में उसका शरीर ठंडा पड़ने लगा।
रास्ते में तोड़ा दम, दुकान बंद कर आरोपी फरार
बच्चे की हालत गंभीर होते देख कथित डॉक्टर ने परिजनों को तुरंत उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे लेकर निकल ही रहे थे कि रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजन जब वापस मेडिकल दुकान पहुंचे, तो आरोपी संचालक अपनी दुकान का शटर गिराकर फरार हो चुका था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही सीतामढ़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा और उसी के आधार पर फरार संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट