नवादा में साइबर अपराधियों की बड़ी हिमाकत: नगर थाना प्रभारी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक, संपर्कों को भेजे गए संदिग्ध मैसेज

नवादा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां साइबर अपराधियों ने थाना प्रभारी का पर्सनल व्हाट्सएप अकाउंट को हैक कर उनके परचितों के साथ ठगी का प्रयास किया है....

नवादा में साइबर अपराधियों की बड़ी हिमाकत: नगर थाना प्रभारी क
नवादा नगर थाना प्रभारी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले से साइबर अपराधियों के दुस्साहस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां अब पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं। नवादा नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह का पर्सनल व्हाट्सएप अकाउंट कथित तौर पर साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया है। अकाउंट हैक करने के बाद अपराधियों ने थाना प्रभारी के संपर्क सूची में शामिल कई लोगों को संदिग्ध और लुभावने मैसेज भेजने शुरू कर दिए। कई लोगों से पैसों की मांग की गई, तो कुछ को प्रधानमंत्री योजना के नाम पर फर्जी पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने का झांसा दिया गया।


संदिग्ध मैसेज देख झांसे में आए लोग, साइबर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज 

थाना प्रभारी के नंबर से मैसेज आने के कारण कई लोग इसे सच मान बैठे और उन्हें लगा कि यह पुलिस या सरकारी योजना से जुड़ा कोई जरूरी निर्देश है। हालांकि, मामले की गंभीरता का अहसास होते ही नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने त्वरित कार्रवाई की। वे तुरंत नगर थाना से साइबर थाना पहुंचे और साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ साइबर थाने में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कर ली है।


नंबर और नेटवर्क की पहचान में जुटी साइबर सेल की टीम, तकनीकी छानबीन जारी 

साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर ने मीडिया को जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। जिस मोबाइल नंबर और सर्वर के जरिए इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया गया है, उसकी पहचान की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर ठगी के नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और वे इस गिरोह को कहां से संचालित कर रहे हैं।


साइबर डीएसपी की आम लोगों से अपील- किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर न करें क्लिक 

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए सतर्कता चेतावनी जारी की है। साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर ने अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। बिना पूरी पुष्टि के किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अज्ञात पीडीएफ या फाइल को डाउनलोड करें। यदि किसी परिचित या पुलिस अधिकारी के नंबर से भी कोई संदिग्ध संदेश या पैसों की मांग आती है, तो पहले फोन करके उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।


अमन की रिपोर्ट