वित्त रहित शिक्षकों की मांगों पर नवादा में कांग्रेस का धरना, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

नवादा जिले में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया......

वित्त रहित शिक्षकों की मांगों पर नवादा में कांग्रेस का धरना,
वित्त रहित शिक्षकों की मांगों पर नवादा में कांग्रेस का धरना- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन को मजबूती देने के लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरना स्थल को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन बाद में शिक्षकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। डॉ. यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शिक्षकों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आंदोलन को और उग्र व तेज किया जाएगा।



नीति समाप्ति और नियमित वेतनमान की प्रमुख मांगें 

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें राज्य से वित्त रहित शिक्षा नीति को पूरी तरह समाप्त करना और वित्त रहित डिग्री, इंटर कॉलेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करना शामिल है। इसके अलावा, वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई।


पेंशन और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का उठाया मुद्दा 

आंदोलनकारियों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की बहाली की मांग की। साथ ही, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपील की गई। शिक्षकों और कर्मचारियों के बेहतर भविष्य व सुरक्षा के लिए सभी वित्त रहित कर्मियों हेतु कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तत्काल लागू करने पर भी जोर दिया गया।


व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन बढ़ाने का आह्वान 

आयोजकों ने साफ किया कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो इस प्रदर्शन का दायरा पूरे प्रदेश में बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, प्राचार्यों, छात्रों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा प्रेमियों से एकजुट होकर इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट