Bihar News: नवादा की हरिशचंद्र स्टेडियम रोड बनी ‘खतरे की राह’, गड्ढों में गिरकर लोग घायल, मैट्रिक परीक्षार्थी परेशान
Bihar News: स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनियां सड़क तोड़कर काम शुरू तो कर देती हैं, लेकिन समय पर मरम्मत या निर्माण पूरा नहीं करतीं। नतीजतन, राहगीरों और वाहन चालकों को खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
Bihar News: नवादा शहर के हरिशचंद्र स्टेडियम से गुजरने वाली मुख्य सड़क इन दिनों गंभीर हादसों का कारण बनती जा रही है। निर्माण कार्य के नाम पर सड़क को उखाड़कर अधूरा छोड़ दिए जाने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि यह व्यस्त मार्ग अब आम लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कई लोग घायल हो चुके हैं। एक बाइक सवार के गड्ढे में गिरने का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
समय पर नहीं हो रहा काम
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनियां सड़क तोड़कर काम शुरू तो कर देती हैं, लेकिन समय पर मरम्मत या निर्माण पूरा नहीं करतीं। नतीजतन, राहगीरों और वाहन चालकों को खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।
मैट्रिक परीक्षा के बीच बढ़ी मुश्किलें
इन दिनों बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा चल रही है। इसी सड़क से होकर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी और उनके अभिभावक परीक्षा केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। जल्दबाजी में कई छात्र गड्ढों में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी भी हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील समय में ऐसी लापरवाही प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की गंभीर चूक को दर्शाती है।
सड़क बंद कर जल्द पूरा हो निर्माण
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा न हो, तब तक इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि अधूरी सड़क को यूं ही खुला छोड़ना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालने जैसा है। साथ ही निर्माण कंपनियों पर सख्त कार्रवाई और समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराने की भी मांग उठ रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तत्परता से कदम उठाता है।
नवादा से अमन की रिपोर्ट